सालभर चुनौती देता रहा कोरोना, 150 की जान जाने के बाद लगे ऑक्सीजन प्लांट
बुलंदशहर। वर्ष 2021 स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए चुनौतियों से भरा रहा। पूरा साल कोरोना संक्रमण से लड़ते-लड़ते बीत गया। कोरोना की दूसरी लहर में 150 से अधिक लोगों की जान चली गई। 10 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए, इनमें 400 के करीब बच्चे भी थे। सांसों को बचाने के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ा। स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुली तो सुविधाएं बढ़ाने की कवायद शुरू हुई। जिले के 10 स्थानों पर 14 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। 75 नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गए। वेंटिलेटर और अन्य सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी हुई। बड़ी समस्या चिकित्सकों का टोटा है जो दूर नहीं हुआ। दूर तक कोई संभावना भी नहीं दिखती।
2021 के फरवरी में देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने दस्तक दी थी। ग्राम पंचायत चुनाव के बाद संक्रमण पीक पर पहुंच गया था। सरकारी आंकड़े कुछ भी कहें, लेकिन शायद ही ऐसा कोई गांव या मोहल्ला बचा हो जहां कोरोना के मरीज नहीं थे। सांस बचाने के लिए न तो ऑक्सीजन सिलिंडर मिले और न ही अस्पतालों में बेड मिले। मास्क, पल्स ऑक्सीमीटर तक बाजार से खत्म हो गए थे। संक्रमण से जिलेवासियों को बचाने के साथ-साथ चिकित्सक और स्टाफ भी संक्रमित होते रहे। इसके बावजूद पूरी शिद्दत के साथ जुटे रहे। कोरोना ने चिकित्सकों के धैर्य और हिम्मत का बड़ा इम्तिहान लिया। 28 दिसंबर 2021 तक जिले में 14,248 केस मिल चुके हैं। फिलहाल एक केस एक्टिव है। 153 लोगों की जान लेकर लहर थमी तो हुक्मरानों की आंख खुली। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण का कार्य जारी है। 28 दिसंबर तक 21,07,039 लोगों को पहला तो 12,27,915 लोगों को दूसरा टीका लगाया जा चुका है।
ये रही उपलब्धि
- कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब शुरू हुई। इससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए अब अधिक इंतजार नहीं करना पड़ता।
- जिला अस्पताल परिसर और सदर तहसील के पास मेडिकल कॉलेज के लिए निर्माण कार्य शुरू किया गया।
- जिले के 75 स्थानों पर उपकेंद्र खोले गए। जहां टीकाकरण होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
- दवाओं की कमी न हो इसके लिए जहांगीराबाद की जगह शिकारपुर बाईपास पर ड्रग वेयर हाउस बनाने के लिए कमरे किराये पर लिए गए।
ये हैं उम्मीदें
- जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था न होने पर एक्सीडेंटल मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। जिसके लिए शासन से मांग चल रही है।
- जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी चिकित्सालयों में वर्ष भर चिकित्सकों की कमी रही। जिसके लिए स्वास्थ्य अफसरों द्वारा शासन से मांग की गई। आगामी वर्ष में काफी संख्या में चिकित्सकों के मिलने की संभावना है।
- तीन जनवरी से 15 से 18 आयु के किशोरों का टीकाकरण शुरू होगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और बुजुर्गों को बूस्टर टीका भी लगना है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का हर संभव प्रयास किया गया। शासन की योजनाओं का भी समय-समय पर अभियान चलाकर लाभ दिया गया। साथ ही जो कमियां रह गई हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ