संवाद न्यूज एजेंसी
खुर्जा। क्षेत्र के दशहरा गांव में टीएचडीसी की ओर से निर्माणाधीन थर्मल पॉवर प्लांट में ठेकेदारी दिलाने के नाम दिल्ली की कंपनी से 28 लाख रुपये ठग लिए। दो महीने से पीड़ित थानों व खुर्जा कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
नोएडा में रहने वाले सुधीर कुमार ने बताया कि वह दिल्ली में स्थित यूनिकॉर्न इंटीग्रेटड फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी में उपप्रबंधक (वाइस प्रेजिडेंट मैनेजमेंट) पद पर कार्यरत है। उनकी कंपनी निर्माणाधीन और निर्मित कंपनियों में रोजगार मुहैय्या कराने का काम करती है, इसके लिए अलग-अलग कंपनियों से कॉन्ट्रेक्ट लिया जाता है।
पीड़ित ने बताया कि खुर्जा तहसील क्षेत्र के दशहरा गांव में टीएचडीसी इंडिया कंपनी की ओर से ऊर्जा उत्पादन परियोजना पर प्लांट तैयार किया जा रहा है। इस प्लांट में मजदूरों और अन्य लोगों को नौकरी लगवाने के नाम पर कंपनी कॉन्ट्रेक्ट लेना चाहती थी। इसी के चलते सुधीर कुमार 15 मार्च 2023 में खुर्जा आए थे। वहां निर्माणाधीन प्लांट के बाहर एक निजी कंपनी का कार्यालय था। वहां उन्होंने संपर्क किया। कंपनी के मालिक ने अपने भतीजे से मुलाकात कराई।
उन्होंने आश्वासन दिया कि उनका भतीजा टीएचडीसी कंपनी में कॉन्ट्रेक्ट दिलवा देगा। इसी के आधार पर उनसे बात चल रही थी। इसमें बताया कि प्लांट में सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी और डाटा बेस एंट्री कर्मचारी की नियुक्ति के कुल 15 करोड़ के टेंडर निकलने वाले हैं। इसके लिए 2 प्रतिशत (30 लाख रुपये) शुरू में ही देने होंगे, जो कंपनी के अधिकारियों के पास जाएंगे। इसके बाद 30 मार्च तक टेंडर निकलने को लेकर लगातार रुपये की मांग करने लगे।
विश्वास दिलाने के लिए पीड़ित को चेक दिए और अपना बुलंदशहर स्थित होटल व कार्यालय भी दिखाया। इसके बाद 24 मार्च को सुधीर कुमार ने आरटीजीएस के माध्यम से 25 लाख और तीन लाख रुपये, कुल 28 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। इसके बाद मई माह तक टेंडर को लेकर चक्कर लगवाते रहे। जून माह में पीड़ित टीएचडीसी के प्रशासनिक अधिकारी से मिला, जिन्होंने बताया कि इस तरह से कोई टेंडर नहीं दिया जाता, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
पीड़ित रुपये वापस मांगे तो आरोपी रोजाना बहाना करते रहे। सितंबर माह में पीड़ित ने एसएसपी बुलंदशहर को ऑनलाइन शिकायत की, जिस पर खुर्जा सीओ को जांच सौंपी गई। सीओ कार्यालय पर उनको बुलाया गया और सारे साक्ष्य मांगे गए, जो उन्होंने जमा करा दिए। इसके बाद आरोपी पक्ष को बुलाकर सामने बैठक कराई, जिसमें आरोपी ने रुपये वापस करने को बोल दिया।
इसके बाद आरोपी ने केवल सात लाख रुपये दिए और अभी भी 21 लाख रुपये नहीं दिए हैं। पीड़ित करीब दो माह से खुर्जा कोतवाली, सीओ कार्यालय के चक्कर काट रहा है और जांच अधिकारी से भी फोन पर बात कर रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसके लिए उन्होंने फिर से एसएसपी को शिकायत की है।
सीओ खुर्जा वरुण कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। इस विषय में जांच अधिकारियों व शिकायतकर्ता से वार्ता की जाएगी। यदि कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है तो जल्द से जल्द से कार्रवाई की जाएगी।