नैतिकता के पाठ से बच्चों में सुधार का होगा प्रयास
बुलंदशहर। जिले के शिक्षण संस्थानों में नए सत्र की शुरूआत करने की तैयारी शुरू हो गई है। साथ ही स्कूलों ने कक्षाओं का संचालन करने के लिए अपनी-अपनी रणनीति बना ली है। कोरोना काल में बंद रहे शिक्षण सत्र के दौरान प्रभावित हुई पढ़ाई को लेकर केजी से लेकर कक्षा पांचवीं तक के छात्रों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। स्कूल संचालकों का कहना है कि नैतिकता के पाठ से बच्चों में सुधार का प्रयास किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य एसपी सिंह और डीपीएस के प्रधानाचार्य डॉ. एचएस वशिष्ठ के अनुसार, ऑनलाइन कक्षाओं में दो साल तक पढ़ाई चलने का असर सीधा छात्र-छात्राओं पर दिखाई दे रहा है। ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने पर छात्र-छात्राओं में काफी बदलाव देखने को मिला। हालांकि पढ़ाई के साथ उनके सुधार के लिए कई कदम उठाए गए, लेकिन परीक्षा भी इसी बीच आ गई। ऐसे में बच्चों को कुछ हद तक अधिक लाभ नहीं मिला सका। इसका कारण यह भी रहा कि अधिक समय नहीं मिल पाया। लेकिन अब नया शिक्षण सत्र शुरू होने पर स्कूलों की ओर से कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही अभी टर्म-2 की परीक्षा भी होनी है। इसके लिए स्कूलो में कक्षाओं के एचओडी को भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को टिप्स दें और उनकी घबराहट को दूर करें। वहीं, अब एक अप्रैल से नया शिक्षण सत्र शुरू हो जाएगा। ऐसे में स्कूलों की ओर से सबसे ज्यादा ध्यान केजी से लेकर कक्षा पांच तक के छात्र-छात्राओं पर किया जाएगा। उनमें आए बदलाव को सुधारने के लिए नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। साथ ही लगातार कक्षाओं का संचालन और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को शत प्रतिशत करने के भी प्रयास अभी से शुरू हो गए हैं। नए शिक्षण सत्र से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने पर बच्चों को किसी तरह की परेशानी भी नहीं होने दी जाएगी।
अहम कदम उठाए जाएंगे
छोटे बच्चों में आए बदलाव को बदलने के लिए भी इस बार कई अहम कदम उठाए जाएंगे। ऐसे बच्चों की पढ़ाई नैतिकता के पाठ से शुरू करवाई जाएगी।
- अंकुर अग्रवाल, प्रबंधक, नेशनल पब्लिक स्कूल औरंगाबाद
बेहतर माहौल बनाया जा रहा
संक्रमण के बीच बच्चों की संख्या कम हो गई थी। अब नया सत्र शुरू होने पर स्कूल में छोटे बच्चों के लिए ऐसा माहौल बनाने की तैयारी की है कि वह नियमित स्कूल आएं। बच्चों को नैतिकता के जरिए पढ़ाने के लिए शिक्षकों को भी तैयार किया जा रहा है।
- शाहिद अली, प्रबंधक, आरके पब्लिक स्कूल औरंगाबाद।
कुछ हद तक दूर हुई चिंता
स्कूल खुलने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को अब ऑफलाइन पढ़ाई का लाभ मिल सके। स्कूलों की ओर से भी संपर्क कर यह बताया जा रहा है कि इस बार आपके बच्चों के हित में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। जिससे कुछ हद तक चिंता दूर हो गई है।
- सनी बंसल।
स्कूलों की ओर से किए जा रहे दावे
स्कूलों में इस बार कई बदलाव के दावे किए जा रहे हैं। इनसे स्कूल संपर्क कर अवगत भी करवा रहे हैं। स्कूलों ने इस बार पढ़ाई शुरू होने पर बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाकर आए बदलाव में सुधार करने की भी बात कही है।
- पुष्पेंद्र।