मुकदमा दर्ज किया चोरी में, खुलासा हुआ तो डकैती बताया
बुलंदशहर। एसओजी ने मंगलवार को छह शातिर डकैतों को गिरफ्तार कर डकैती की दो वारदात का खुलासा किया है। खास बात यह है कि यमुनापुरम इलाके में हुई इन दोनों ही घटनाओं को पुलिस ने चोरी में दर्ज किया था। बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद इसे डकैती की वारदात बताया। पीड़ित घटना के दिन से ही डकैती बता रहे थे, लेकिन पुलिस सुनने को तैयार नहीं थी।
पुलिस लाइन सभागार में मंगलवार को एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह एसओजी टीम को सूचना मिली कि कुछ बदमाश अड़ौली नहर के निकट किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद टीम वहां पहुंची और स्कॉर्पियो में सवार छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाशों की शिनाख्त आसिफ निवासी कलछीना थाना भोगपुर हाल निवासी मोहल्ला मुगल गार्डन थाना मसूरी जनपद गाजियाबाद, आकिब निवासी इस्लामाबाद थाना लिसाड़ी गेट जनपद मेरठ, राहुल निवासी चीती मूंडाखेड़ा थाना खुर्जा देहात, साकिब निवासी मदीना मस्जिद के पास कस्बा रटौल थाना खेकड़ा जनपद बागपत, चांद और जुबैर निवासी अड्डे वाली मस्जिद कस्बा रटौल थाना खेकड़ा बागपत के रूप में हुई। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि बीते दिनों यमुनापुरम कालोनी में दो अलग-अलग स्थानों पर उन्होंने परिजनों को बंधक बनाकर डकैती की वारदातों को अंजाम दिया था।
डकैती का ये सामान बरामद
पुलिस ने बदमाशों के पास से यमुनापुर में 18 जनवरी को हुई डकैती के सामान में से एक जोड़ी टॉप्स, एक तीन लड़ी की चेन का मंगल सूत्र मय पैंडल, तीन सोने की अंगूठी, चार नथनी, एक झुमकी, दो कंगन घुंघरू वाले, छह अंगूठी चांदी की, 66 हजार रुपये, तीन आधार कार्ड और दूसरी डकैती का सामान चार सोने की अंगूठी, एक छल्ला सोने का, एक घड़ी, लाल मोतियों का हार, तीन चांदी के सिक्के, एक खुखरी और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं।
अलीगढ़ में हुई दो डकैती का भी राजफाश
पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में अलीगढ़ जनपद में हुई दो डकैती की वारदातों का भी राजफाश किया है। बदमाशों ने बताया कि अलीगढ़ में उन्होंने थाना सासनी गेट और बन्ना देवी थाना क्षेत्र में भी दो वारदात की थी। बदमाश पहले एक जगह एकत्र होते थे फिर शहर की एक कालोनी को चुनते थे। कालोनी के पास अपनी कार को खड़ी कर देते थे। दिन छिपने के बाद पैदल ही उन घरों में जाते थे। गेट खुला होने पर घर में घुसकर हथियारों के बल पर परिजनों को बंधक बनाकर वारदातों को अंजाम दिया जाता था।
डकैती की रकम से खरीदी थी स्कार्पियो
गैंग का सरगना आसिफ है, जिस पर करीब 14 मुकदमे विभिन्न जनपदों के थानों में दर्ज हैं। करीब दो से तीन माह पूर्व ही वह मुजफ्फरनगर जेल से जमानत पर बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने गैंग को फिर से तैयार किया और वारदातों को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये में स्कॉर्पियो खरीदी थी। जिससे वारदात को अंजाम दिया।
डकैती के बाद मस्ती करने राजस्थान और उत्तराखंड जाते थे
पूछताछ में बताया कि डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अपना-अपना बराबर का हिस्सा बांट लेते थे। साथ ही उस रकम से उत्तराखंड और राजस्थान घूमने और मस्ती करने जाते थे।
टीम को मिला 25 हजार का इनाम
एसएसपी ने एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह, उपनिरीक्षक अनुराग भदौरिया, कांस्टेबल जितेंद्र त्यागी, विकास कुमार, कांस्टेबल प्रबलि तोमर, वसीम खान, अक्षय त्यागी समेत पूरी टीम को 25 हजार का नकद इनाम देने की घोषणा की है।