लैब निर्माण का टेंडर हुआ रद्द, अब बिबकोल में कोवाक्सिन तैयार होने में लगेगा वक्त
बुलंदशहर। बिबकोल (भारत इम्युनोलॉजिकल एंड बायोलॉजिकल्स कॉरपोरेशन) में कोवाक्सिन बनाने की प्रक्रिया में पेच फंस गया है। पिछले माह लैब बनाने के लिए जारी किए गए टेंडर को रद्द कर दिया गया है। अब नए टेंडर के लिए शुक्रवार को बिड खोलने की तैयारी है। पुराना टेंडर रद्द होने के बाद अब वैक्सीन की पहली खेप की आपूर्ति फरवरी में नहीं हो पाएगी।
बिबकोल कोवाक्सिन बनाने का जिम्मा केंद्र सरकार ने दिया था। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का फंड जारी करते हुए लैब निर्माण व उपकरण खरीदने के आदेश दिए थे। पिछले माह में बिबकोल प्रबंधन ने लैब निर्माण के लिए टेंडर जारी किया था, लेकिन वह टेंडर रद्द हो गया। अक्तूबर में कंपनी प्रबंधन ने दावा किया था कि फरवरी में वैक्सीन की सप्लाई कर दी जाएगी। लैब निर्माण का टेंडर रद्द होने के बाद अब यह संभव नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक वैक्सीन निर्माण कर पहली खेप की सप्लाई में करीब छह माह का समय और लगेगा।
कॉलरा वैक्सीन बनाने के लिए भी चल रही तैयारी
एक टीके में हैजा को जड़ से खत्म करने के लिए बिबकोल में कॉलरा वैक्सीन बनाने के लिए भी तैयारी की जा रही है। फॉर्मूला सफल होने के बाद प्रबंधन ने इसके लिए डीसीजीआइ (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) के पास भेजते हुए ह्यूमन ट्रायल की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद डब्ल्यूएचओ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम वैक्सीन बनाने की लैब और कंपनी का निरीक्षण करेगी। इसके बाद वैक्सीन बनाने के लिए आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
कोट
लैब निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया था। किसी कारण से वह रद्द हो गया है। दोबारा से टेंडर जारी कर दिया गया है। शुक्रवार को इसकी बिड खोली जाएगी। अगले छह माह में वैक्सीन की सप्लाई करने का लक्ष्य रखा गया है।
- सुनील शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकोल