बिजली निगम के 400 उपभोक्ताओं को 44 लाख का झटका
अनूपशहर। बिजली निगम के उपभोक्ताओं के पूरा बिल जमा करने के बाद भी 400 उपभोक्ताओं को 44 लाख रुपये का बकाएदार बना दिया गया। कई वर्ष पहले का बकाया होने का दावा करते हुए अधिकारियों ने बिलों में बकाया की राशि भी जोड़ दी। अब उपभोक्ता अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
उपखंड क्षेत्र में 24500 घरेलू, 955 वाणिज्यिक और 3200 ट्यूबवेल उपभोक्ता हैं। घरेलू कनेक्शन वाले 400 बिजली उपभोक्ताओं को उस समय झटका लगा, जब दिसंबर माह के बिलों में सामान्य से दस गुना तक अधिक का एरियर बिल में जुड़कर आया। जब इस संबंध में उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों से शिकायत की तो अधिकारियों ने भी वर्षों पुराना बकाया होने का दावा करते हुए उपभोक्ताओं को टरका दिया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के करीब 400 उपभोक्ताओं के बिलों में 44 लाख रुपये की धनराशि जोड़ी गई है। दावा है कि अधिकारियों की आईडी से ही इन बिलों में धनराशि को जोड़कर किसी बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। अब अधिकारी उपभोक्ताओं की शिकायत के न तो एरियर की धनराशि को खत्म कर रहे हैं और न ही बकाया की अवधि के बारे में जानकारी दे पा रहे हैं।
बोले उपभोक्ता
मेरे भाई के नाम से बिजली का कनेक्शन है। जिसके बिल में 47128 रुपये की बकाया राशि जुड़कर आई है। माह अक्टूबर 2021 तक उनके बिल सामान्य आ रहे थे लेकिन दिसंबर माह में बकाया राशि जुड़कर आयी है जो कई साल पुरानी बताई गई है। जबकि नियमानुसार केवल नवंबर और दिसंबर माह का बिल बकाया है। - डॉ. आलोक गोविल
मेरे व पिता रमेश गौड़ के नाम से मोहल्ला परकोटा स्थित आवास तथा इमली बाजार स्थित दुकानों के बिजली कनेक्शन हैं। जिन पर 20721, 26048, 27426 और 32517 रुपये का एरियर जुड़कर आया है। अब अधिकारी कहते हैं कि यह चार वर्ष पहले का बकाया है। यदि ऐसा है तो पहले से बिलों में क्यों नहीं जोड़ा गया था। - राजीव गौड़
परकोटा क्षेत्र में मेरे नाम से बिजली कनेक्शन है। अभी तक सामान्य बिल आया था, लेकिन अब अचानक 25872 रुपये का एरियर जोड़कर बिल बना दिया गया। अधिकारी इस बिल को ठीक करने से भी इनकार कर रहे हैं। जिससे परेशानी हो रही है। समस्या का समाधान भी नहीं कराया जा रहा है। - अनिल गौड़
मोहल्ला पोखर में दो कनेक्शन हैं। दोनों पर क्रमश: 29028 और 22646 रुपये का बकाया बिल दर्शाया गया है। इस संबंध में विधायक से भी शिकायत की गई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा कर उसे लोगों के बिलों में समायोजित किया है। - नवरत्न वार्ष्णेय
कोट
मामले की जानकारी मिली है। बिल में राशि क्यों और किस मद में जोड़ी गई है, इसके संबंध में जानकारी की जा रही है। जल्द से जल्द उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कदम उठाया जाएगा। - अवधेश कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर, बिजली निगम