बुलंदशहर। देश को टीबी से मुक्त कराने के लिए जिले में भी जिला क्षय रोग विभाग जुटा है। इसी का प्रयास है कि जिले की 946 ग्राम पंचायतों में से 49 ग्राम पंचायत टीबी से मुक्त हो चुकी हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को लोकसभा चुनाव के बाद सम्मानित किया जाएगा। वहीं, जिले की शेष ग्राम पंचायतों को भी टीबी से मुक्त करने के लिए क्षय रोग विभाग जुटा है।
देश को 2025 तक टीबी से मुक्त बनाना सरकार की मंशा है। इस दिशा में जिला क्षय रोग विभाग तेजी से काम कर रहा है। विभागीय सक्रियता का परिणाम है कि पहले चरण में जिले की 49 ग्राम पंचायत टीबी से मुक्त हो चुकी है। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन साल तक समय-समय पर इन गांवों का सर्वे करेगी। लगातार दूसरे साल टीबी से मुक्त रहने पर ग्राम प्रधानों को सिल्वर पदक और तीन साल तक गांव में कोई टीबी मरीज न मिलने पर ग्राम प्रधानों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
ये पंचायतें हुईं टीबी मुक्त
अनूपशहर ब्लॉक में शाहजहांपुर, खालीकपुर व सोरखा, शिकारपुर ब्लॉक में छोटी आंचरु, फरीदपुर हवेली, नगला जगत, मूंड नगला व नगला बिसर, बीबीनगर ब्लॉक में सहरा, गुलावठी ब्लॉक में विसाइच, स्याना ब्लॉक में लोंगा व घंसूरपुर, डिबाई ब्लॉक यावापुर, कोटला व चिमावटी, पहासू ब्लॉक में नगला दलपतपुर, अल्लीपुर, रूसी, नगलिया सिद्धगढ़ी, मालागढ़ में पहाड़पुर व सिखेड़ा, कसेरकलां में धरकपुर, मूड़ाखेड़ा व कुदैना, धरपा में अच्छेजा खुर्द, उस्मानपुर, चापना, इब्राहिमपुर, पारौरी व बारोली, ऊंचागांव ब्लॉक में करियारी, मिर्जापुर नगली, निजामपुर बांगर व सोंझना रानी, जहांगीराबाद ब्लॉक में ककरई, भैयापुर, अगौता ब्लॉक में करकोड़ा, खेड़ी व बोंदरा, वैर में बुटैना व मसौता, मुनि में कहरोला, घटाल, खुरियावली व जरारा, लखावटी ब्लॉक में सीकरी, सैदपुरा व शाहपुर, दानपुर ब्लॉक में खुदादिया आदि शामिल हैं।
जिले के 49 ग्राम पंचायतें टीबी से मुक्त हो चुकी हैं। पहले इन सभी पंचायतों के प्रधानों को 24 मार्च को सम्मानित किया जाना था। अब लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। -डॉ. हेमंत रस्तोगी, जिला क्षय रोग अधिकारी।