अब श्रमिक की मौत पर पांच लाख देगी सरकार
बुलंदशहर। निर्माण कार्य करते समय श्रमिक की मौत पर सरकार अब उसके परिजनों को पांच लाख रुपये देगी। कार्य स्थल पर दुर्घटना की स्थिति में दुर्भाग्यवश अंग-भंग होने पर श्रमिक को तीन लाख रुपये तथा सामान्य मृत्यु अथवा कार्य स्थल से बाहर हुई दुर्घटना में मृत्यु पर श्रमिक के आश्रित को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। यह लाभ श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलेगा।
श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को उप्र भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से संचालित निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना के अंतर्गत निर्माण में जुटे श्रमिकों की सहायता के लिए विभिन्न योजना चलाई जा रही हैं। निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना के अंतर्गत सरकार ने कार्य स्थल पर किसी दुर्घटना के चलते श्रमिक की मौत होने पर पांच लाख रुपये, स्थायी पूर्ण अपंगता की स्थिति में तीन व आंशिक अपंगता की स्थिति में दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की है। कार्य स्थल के बाहर निर्माण श्रमिक की दुर्घटना के चलते आंशिक विकलांगता की स्थिति में श्रमिक को एक लाख रुपये देने की व्यवस्था की गई। इन योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत श्रमिक को ही मिल सकता है। साथ ही अपंजीकृत श्रमिकों को भी निर्माण कार्य स्थल पर उसकी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो श्रमिक के आश्रित को 50 हजार रुपये सहायता दी जाएगी। इसके लिए निर्माण कार्य स्थल पर दुर्घटना में श्रमिक की मृत्यु प्रमाणित करने के लिए एफआईआर व पोस्टमार्टम, पुलिस और प्रशासन सहित श्रमिक विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट की आवश्यकता होगी।
अपंजीकृत श्रमिक श्रम विभाग में करवा सकते हैं पंजीकरण
सहायक श्रमायुक्त एसपी सिंह ने बताया कि निर्माण में जुटे श्रमिक करीब के लोक वाणी केंद्र पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पंजीयन के लिए श्रमिक को फोटो, आधार कार्ड की प्रति, 90 दिन निर्माण कार्य का स्वघोषणा पत्र के साथ 20 रुपये का पंजीयन शुल्क देना होगा। जिले में इस समय 40 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। इन श्रमिकों को सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिया जाता रहा है। उन्होंने इन योजनाआें का लाभ उठाने के लिए पंजीकृत श्रमिकों से अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।