डॉ. अनामिका वार्ष्णेय।
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बदायूं। हर वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की वजह देश की बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
अब बालिकाएं और महिलाएं भी हर क्षेत्र में आगे हैं। समाज में उनको बराबरी का दर्जा मिलने लगा है। देश में एक ओर जहां बालिकाएं और महिलाएं खेत, राजनीति, व्यापार समेत सेना तक में पहुंच रहीं हैं वहीं गांव-देहात में बालिकाओं की स्थिति में अब भी सुधार की गुंजाइश है। बदायूं की बात करें तो कई ऐसी बालिकाएं हैं जो समाज को संदेश देती हैं।
व्यापारी नेता नवनीत गुप्ता शोंटू को अपनी बेटी डॉ. अनामिका वार्ष्णेय पर नाज है। अनामिका ने एक बार में ही नीट क्वालीफाई किया। अब एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. अनामिका चाहती हैं कि वह समाज की सेवा करें।
शहर की गणेश बिहार कॉलोनी के प्रमोद गुप्ता को भी अपनी बेटी ऋषिका गुप्ता पर नाज है। ऋषिका गुप्ता खेल के क्षेत्र में नाम कमा रही है। अमेरिका के फ्लोरिडा में आयोजित अमेरिकन फुटबाल प्रतियोगिता में ऋषिका मेडल जीत चुकी हैं। ऋषिका का कहना है कि वह बदायूं का नाम विश्व में रोशन करना चाहती हैं। इससे पहले वह ताइक्वांडो में तीन बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी हैं। संवाद
ऋषिका गुप्ता।- फोटो : BADAUN