बदायूं। सपा ने रविवार को दातागंज विधानसभा सीट पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना सिंह यादव के बेटे कैप्टन अर्जुन के नाम पर मोहर लगा दी। लखनऊ से दातागंज लौटने के बाद कैप्टन अर्जुन ने अपने आवास पर सपा का चुनाव चिह्न साइकिल लटकाकर संदेश दे दिया है कि वह दमदारी से चुनाव लड़ेंगे। कैप्टन को प्रत्याशी बनाने के बाद पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव के खेमों में मायूसी है।
कैप्टन अर्जुन ने 2017 का चुनाव सपा से बगावत करते हुए लड़ा था। वह दूसरे नंबर पर रहे थे। इस बार वह सपा से टिकट के दावेदार थे। इसके साथ ही पंचायत चुनाव के दौरान सपा में आने वाले पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव के बेटे अवनीश यादव भी दातागंज सीट से सपा के टिकट के दावेदार थे। तीनों लोग कई दिन से लखनऊ में डेरा डाले थे। रविवार को दातागंज सीट से सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कैप्टन अर्जुन का नाम तय कर दिया है। इसके बाद सिनोद शाक्य और प्रेमपाल सिंह यादव के खेमों में मायूसी है।
दूसरी ओर सपा ने अभी शहर विधानसभा सीट से प्रत्याशी का नाम तय नहीं किया है। दरअसल, शहर सीट से पूर्व विधायक आबिद रजा अपने आजम खां और सलीम शेरवानी से नजदीकी के दम पर टिकट हासिल करने में जुटे हैं। आबिद की पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव से काफी पुरानी तकरार है। इस कारण शहर सीट पर प्रत्याशी को लेकर संशय बना हुआ है। सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में आबिद को बुलाकर टिकट फाइनल भी हो गया था पर धर्मेंद्र फैक्टर के चलते सिंबल मिलने में अड़चन आ रही है। कुछ सियासी दिग्गज दोनों में फिर से सुलह कराने में जुटे हैं।
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सपा जिलाध्यक्ष के बेटे करा सकते हैं नामांकन
सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह के बेटे व पूर्व ब्लॉक प्रमुख अवनीश यादव 27 जनवरी को निर्दलीय तौर पर नामांकन करा सकते हैं। सोशल मीडिया पर इस तरह के मेसेज चल रहे हैं और सपा को जोर का झटका देने की तैयारी बताया जा रहा है। कैप्टन को सिंबल मिलने के बीच इस खेमे में काफी निराशा है। हालांकि अवनीश के नामांकन कराने को लेकर परिवार अभी खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है। जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि समर्थकों से बात करके पत्ते खोलेंगे। संवाद