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ध्यानचंद का सपना पूरा करने में जुटे पुराने खिलाड़ी

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बदायूं के मदनलाल इंटर कॉलेज के मैदान में हॉकी खेलते युवा। - फोटो : BADAUN
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बिसौली। हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद्र का जन्मदिन रविवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यहां भी किसी वक्त हॉकी के खिलाड़ियों का जलवा था। मगर हॉकी उपेक्षा का शिकार हुई तो युवाओं की पसंद क्रिकेट बन गया। बिसौली कस्बे में मदनलाल कॉलेज की हॉकी टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ी अब बुजुर्ग हो चले हैं। फिर भी वह नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर हॉकी में पारंगत करने में जुटे हैं।
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बिसौली में हॉकी के कई खिलाड़ी हैं। 1970 से 90 के दशक तक यहां की हॉकी टीम काफी मजबूत थी। कभी हॉकी युवाओं का सबसे पसंदीदा खेल था। मगर बाद में धीरे-धीरे क्रिकेट का क्रेज बढ़ता गया और हॉकी की उपेक्षा होने लगी। इस बार ओलंपिक में भारतीय पुरुष और महिला टीम के दमदार प्रदर्शन ने एक बार फिर से युवाओं को हाकी के प्रति नजरिया बदलने को मजबूर कर दिया। अब मैदान पर हॉकी स्टिक लिए तमाम युवा नजर आने लगे हैं।
पुराने खिलाड़ी बताते हैं कि मदनलाल इंटर कालेज में 1970, 80 और 90 के दशक में हॉकी की मजबूत टीम थी। हॉकी के खिलाड़ी रहे हरीश गुप्ता, अनिल सक्सेना, शाहिद हसन खां, राजीव गर्ग, कन्हैयालाल हॉकी के पुराने दिनों को यादों पर चर्चा करते हैं। पत्रकार हरीश गुप्ता 60 के दशक में अपनी टीम के कप्तान थे। डाक विभाग के रिटायर्ड अधिकारी अनिल सक्सेना 1969-70 की कॉलेज टीम के वरिष्ठ सदस्य रहे। वह 1976-77 में डाक विभाग की हॉकी टीम का हिस्सा भी रहे। वह 1993 में यूपी हॉकी एसोसिएशन के अंपायर रहे थे।
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पावर कॉरपोरेशन के एसडीओ पद से रिटायर्ड शाहिद हसन खां वर्ष 1970-71 में इंटर कॉलेज टीम के सदस्य रहे। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हाकी टीम के सदस्य रह चुके हैं। युवा हाकी कोच देवांश पिछले कुछ दिनों से हॉकी के प्रति युवाओं को प्रेरित करने में जुटे हुए हैं। देवांश का कहना है कि जब से भारतीय हाकी टीम ने ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल किया है तब से युवाओं में हॉकी के प्रति जुनून देखने को मिल रहा है।
सरकार को चाहिए कि राष्ट्रीय खेल हॉकी की गरिमा लौटाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करे। हम भी युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए योगदान देंगे। - हरीश गुप्ता
यदि युवा वर्ग हॉकी के प्रति समर्पण भाव से आगे आते हैं तो वह दिन दूर नहीं जब हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी एक बार फिर से बुलंदियों पर होगा।-अनिल सक्सेना
सरकार यदि हॉकी को बढ़ावा देने का संकल्प ले तो यकीनन हमारे राष्ट्रीय खेल को संजीवनी मिल सकती है। मैं हॉकी खिलाड़ियों की पूरी मदद करने को तैयार हूं। - शाहिद हसन खां
युवाओं को हाकी खेल की बारीकियां सिखाने का पूरा प्रयास कर रहा हूं। ओलंपिक में भारतीय टीम के बेहतरीन प्रदर्शन ने युवाओं को नया हौसला दिया है। - देवांश सक्सेना, हाकी कोच
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