फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: पिता की हत्या का आरोपी बेटा गिरफ्तार, रास्ते में घेरकर दो तमंचों से बरसाईं थीं गोलियां

Thu, 23 Nov 2023 06:12 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

गांव शरह बरौलिया में 19 नवंबर को दिनदहाड़े किसान सुभाष शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जमीन की खातिर बेटे ने ही वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।  
विज्ञापन
मृतक सुभाष शर्मा, हत्यारोपी बेटा सचिन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं के उद्यैती थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया में पिता की हत्या के आरोपी बेटे सचिन को पकड़ लिया गया है। उसकी निशानदेही पर दो तमंचे भी बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में सचिन ने अपने पिता से जमीन और रुपयों का विवाद बताया। उसका कहना है कि वह ट्यूबवेल पर दो तमंचे लेकर पहुंचा था। उसने एक-एक करके अपने पिता को गोली मारी थी और उनकी बाइक लेकर भाग गया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

विज्ञापन


गांव शरह बरौलिया में 19 नवंबर रविवार को किसान सुभाष शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चचेरे भाई प्रत्यक्षदर्शी मुनेश शर्मा का कहना था कि सुभाष घर से खाना खाकर अपने ट्यूबवेल पर चले गए थे। तभी उनके भतीजे सचिन ने रास्ते में अपने पिता सुभाष को घेरकर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इस दौरान गांव के चार और लोग भी मौजूद थे। वो भी सुभाष की हत्या में शामिल थे। 

पांच लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी रिपोर्ट 
मुनेश ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। सचिन घटना के बाद से फरार था। सह आरोपी भी गांव में नहीं थे। पुलिस दबिश देने का दावा कर रही थी, जबकि सचिन लगातार अपने पिता के नजदीकियों को कॉल करके धमकी दे रहा था। बुधवार रात पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सचिन ने खुद को ही आरोपी माना है। उसने बताया कि उसके पिता न तो उसे जमीन दे रहे थे और न ही बेची गई जमीन का एक रुपया दिया था। रविवार सुबह वह दो तमंचे लेकर ट्यूबवेल पहुंचा था। जैसे ही उसके पिता खेत पर पहुंचे, उसने दोनों तमंचों से एक के बाद एक गोली चला दी। फिर पिता की बाइक लेकर भाग गया। पुलिस ने दो तमंचे बरामद भी किए हैं। एसओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इनमें सिर्फ सचिन हत्यारोपी है। अन्य लोग वहां नहीं थे।

झूठा कौन : पोस्टमार्टम रिपोर्ट या नामजदगी
इस हत्याकांड में गोली लगने और आरोपियों के नाम को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसान को चार गोलियां लगी हुई बताई गईं। 315 बोर की गोली उनकी कनपटी में धंसी मिली थी, जबकि 12 बोर की दो गोलियां सीने पर मारी गईं थीं। एक गोली हाथ को चीरते हुए निकल गई थी। अब पुलिस का कहना है कि पहले आरोपी ने 315 बोर का तमंचा चलाया था, लेकिन उसकी गोली मिस हो गई। 
विज्ञापन

बाद में उसने 12 बोर की दो गोलियां मारीं। हाथ में केवल छर्रे लगे थे। ऐसे में पुलिस दो गोलियां लगना ही बता रही है। ऐसे हालात में या तो पुलिस सहआरोपी रामबहादुर, रामकिशोर, अनुज और विपिन को बचाने की कोशिश कर रही है या फिर उनकी झूठी नामजदगी कराई गई है। फिलहाल इस घटना को लेकर पुलिस पर ज्यादा सवाल उठ रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें