पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सचिन ने खुद को ही आरोपी माना है। उसने बताया कि उसके पिता न तो उसे जमीन दे रहे थे और न ही बेची गई जमीन का एक रुपया दिया था। रविवार सुबह वह दो तमंचे लेकर ट्यूबवेल पहुंचा था। जैसे ही उसके पिता खेत पर पहुंचे, उसने दोनों तमंचों से एक के बाद एक गोली चला दी। फिर पिता की बाइक लेकर भाग गया। पुलिस ने दो तमंचे बरामद भी किए हैं। एसओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इनमें सिर्फ सचिन हत्यारोपी है। अन्य लोग वहां नहीं थे।
बाद में उसने 12 बोर की दो गोलियां मारीं। हाथ में केवल छर्रे लगे थे। ऐसे में पुलिस दो गोलियां लगना ही बता रही है। ऐसे हालात में या तो पुलिस सहआरोपी रामबहादुर, रामकिशोर, अनुज और विपिन को बचाने की कोशिश कर रही है या फिर उनकी झूठी नामजदगी कराई गई है। फिलहाल इस घटना को लेकर पुलिस पर ज्यादा सवाल उठ रहे हैं।