बदायूं। भारतीय संस्कृति का आदिकाल से हिस्सा रहे योग का डंका अब पूरे विश्व में बज रहा है। हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। आधुनिक और भागदौड़ भरी जीवन शैली के बीच अब दुनिया के कोने-कोने तक योग पहुंच गया है। तमाम लोगों ने योग से ही असाध्य बीमारियों पर काबू पाया है।
विज्ञान में भी यह साबित हो गया है कि नियमित योग से असाध्य बीमारियों पर काबू पाया जा रहा है। जिले में आईटीआई के रिटायर्ड प्रधानाचार्य गिरधारी सिंह अब योग शिक्षक के रूप में योग की अलख जगा रहे हैं। शहर में कई स्थानों पर योग शिविरों का प्रतिदिन आयोजन करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्होंने मधुमेह, फैटी लिवर, साइनोसाइटिस, कब्ज, गठिया, पथरी, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग संबंधी बीमारियों पर नियमित योग के जरिए काबू पाया है। नियमित योग कर अब यह लोग स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
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नियमित योग के जरिये गंभीर और असाध्य बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। लाइलाज बीमारियों को भी खत्म किया जा सकता है। ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है जो नियमित योग करके बीमारियों से छुटकारा पा चुके हैं। योग की उपयोगिता को पूरा विश्व मानता है। सभी को नियमित योग करना चाहिए। नियमित योग के फायदे गिनाना मुश्किल है।
- गिरधारी सिंह, योग शिक्षक
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इन लोगों ने बीमारियों पर पाया काबू
मैं साइनोसाइटिस और कब्ज से पीड़ित था। काफी इलाज कराया, लेकिन बीमारी जाने का नाम नहीं ले रही थी। इलाज पर काफी धन खर्च हुआ। बाद में योग शिविर जाना शुरू किया। नियमित योग के बाद अब मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं। लोगों को नियमित योग के लिए प्रेरित भी करता हूं।
-योगेंद्र पाल सिंह
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मधुमेह का शिकार था, इसके साथ ही शरीर में कई स्थानों पर गांठें भी हो गईं थीं। इलाज कराता रहा, लेकिन कोई विशेष फायदा नहीं हुआ। कुछ लोगों ने नियमित योग की सलाह दी। करीब तीन साल से नियमित योग कर रहा हूं। अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं। मधुमेह और गांठों से छुटकारा मिल गया।
-सुधीर मिश्रा
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जोड़ों में दर्द और मधुमेह की बीमारी से पीड़ित था। इलाज कराने के बाद भी अपेक्षित लाभ नहीं हो रहा था। कई डॉक्टरों को दिखाया। बाद में नियमित योग शुरू किया। अब न तो जोड़ों में दर्द है और न ही मधुमेह की समस्या परेशान करती है। नियमित योग से पूरी तरह से स्वस्थ जीवन जी रहा हूं।
- वीरेंद्र कुमार