बदायूं। सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यशैली फिर सवालों के घेरे में है। हर तरफ बदायूं पुलिस की निंदा हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस पहले ही परिजन के आरोपों को गंभीरता से लेती तो आरोपी तभी पकड़े जाते और पुलिस की इतनी फजीहत भी नहीं होती, मगर मामले को लेकर पुलिस इतनी लापरवाह बनी रही कि महिला की लाश 18 घंटे घर में पड़ी रही और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि आरोपियों के ही सुर में सुर मिलाती रही और घटना को हादसा बताते हुए पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटी रही। वहीं परिजन चीख चीख कर दुष्कर्म के बाद हत्या की बात कहते रहे। मंगलवार को जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई तब तक एसएसपी भी घटना को हादसा ही बताते रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरिंदगी के बाद हत्या की पुष्टि होने पर अफसर हरकत में आए। अब शासन ने मामले का संज्ञान लिया तो पुलिस अफसर आरोपियों पर रासुका लगाने की बात कह रहे हैं।
रविवार शाम करीब पांच बजे 45 वर्षीय महिला नजदीकी गांव के धर्मस्थल पर गई थी। उस दिन बूंदाबांदी हो रही थी। महिला के परिवार के लोग घर में मौजूद थे। रात 11-12 बजे के बीच अचानक दरवाजे पर एक बोलेरो आकर रुकी, जिसमें धर्मस्थल का पुजारी सत्यनारायण दास, वेदराम और यशपाल सवार थे। तीनों महिला का अर्धनग्न शव घर के बाहर फेंक भाग गाड़ी दौड़ाकर भाग गए। जब परिवार वालों ने शव को देखा तो तुरंत सूचना थाना पुलिस को दी। रात भर शव घर में रखा रहा, लेकिन पुलिस नहीं आई। दूसरे दिन सोमवार को दोपहर बाद तक परिवार वालों ने इंतजार किया, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। इसके बाद यूपी 112 को सूचना दी गई तो पुलिस मौके पर पहुंच, लेकिन थाना पुलिस फिर भी समय पर नहीं पहुंची। शाम करीब छह बजे एक दरोगा और दो सिपाही गांव पहुंचे, तब 18 घंटे बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
तब तक आरोपी गांव में ही थे। उन्होंने पुलिस को बताया था कि महिला कुएं में गिरकर घायल हुई थी। इसके बाद से पुलिस आरोपियों के सुर से सुर मिला थी, जबकि उसके प्राइवेट पार्ट में ठूंसा गया कपड़ा और रुई साफ गवाही दे रहे थे कि उसके साथ हैवानियत हुई है। उघैती इंस्पेक्टर राघवेंद्र प्रताप सिंह पुजारी का पक्ष लेते हुए कह रहे थे कि उन्होंने महिला कांस्टेबल से शव दिखवा लिया है, शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं मिला है। हैरानी की बात ये रही कि अफसर भी आरोपियों की ही भाषा बोल रहे थे।
एसएसपी भी बोल रहे थे आरोपियों की भाषा
तीसरे दिन यानी मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले एसएसपी ने एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने भी कहा कि गांव के लोग बता रहे हैं महिला कुएं में गिरी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक पुलिस ने पीड़ित पक्ष की कोई भी बात मानने को तैयार नहीं थी और न ही उसे उनकी लाचारी और पीड़ा दिख रही थी। मंगलवार रात जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। तब इस मामले में आनन फानन कार्रवाई शुरू की गई। अब मामला शासन स्तर पर पहुंचने पर सभी कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, यहां तक की आरोपियों पर रासुका लगाने तक की बात कही जा रही है।
घटनास्थल तक पर नहीं गया था इंस्पेक्टर
थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या की जानकारी मिलने के बाद भी उघैती इंस्पेक्टर राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने घटनास्थल पर जाकर मामले की जानकारी लेने तक की जहमत नहीं उठाई। आरोपियों ने जो बीट पुलिस को बयान दिए वही थाने से लेकर एसएसपी कार्यालय तक गूंजते रहे। किसी ने पीड़ित परिवार के बयान पर गौर तक नहीं किया न ही घटना का दूसरा पहलू जानने की कोशिश की।
एसपी देहात भांप गए थे मामला
सोमवार को जब ये मामला सुर्खियों में आया तो एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा खुद मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने न सिर्फ परिवार वालों से बात की थी बल्कि घटनास्थल पर जाकर मामले की पड़ताल की। उन्हें यकीन हो गया था कि कहीं न कहीं मामला संदिग्ध है। महिला का कुएं की ओर जाना अचानक नहीं हुआ था। जिस स्थान पर कुआं था वह कोई आम रास्ता नहीं था, जिससे महिला वहां पहुंचकर कुएं में गिर जाए। बहरहाल एसपी देहात बीच की कड़ी थे। कार्रवाई एसएसपी को करनी थी, लेकिन वो कुएं में गिरने का ही बयान देते रहे।
महिला के घर पर पुलिस तैनात
- महिला के परिवार की सुरक्षा के लिहाज से उसके घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। इसके अलावा उसके घर पर एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया, एसडीएम सहसवान लालबहादुर सिंह, एसडीएम बिल्सी राधेश्याम बहादुर, तहसीलदार रामनयन सिंह, सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी, सीओ सहसवान रामकरन सिंह भी पहुंचे। जबकि एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा और सीओ बिल्सी अनिरुद्ध सिंह आरोपी की तलाश में लगे रहे।
परिवार वालों से मिले भाजपा, सपा और कांग्रेस के पदाधिकारी
- मामला सुर्खियों में आने के बाद बुधवार को कई पार्टियों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। भाजपा के जिलाध्यक्ष अशोक भारतीय और सीमा राठौर ने परिवार वालों से मुलाकात की। इनके अलावा सपा के जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव व बृजेश यादव पहुंचे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह भी परिवार वालों से मिले। उन्होंने कहा कि हम इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। उसकी पसली और पैर टूटा हुआ मिला है। हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों में खरोंचे थी। उसके प्राइवेट पार्ट में भी गंभीर चोट मिली है। उसके साथ दुष्कर्म होने से इनकार नहीं किया जा सकता। - डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ
बदायूं दुष्कर्म-हत्या: घटना स्थल का मुआयना करते एडीजी अविनाश चंद्र, डीएम कुमार प्रशांत और एसएसपी - फोटो : BADAUN
सुनसान पड़ा धर्मस्थल। संवाद- फोटो : BADAUN
धर्मस्थल के नजदीक इसी कोठरी में स्थित है कुआं। संवाद- फोटो : BADAUN