बदायूं। कई दिनों की उमस और गर्मी के बाद बृहस्पतिवार को मौसम में काफी बदलाव दिखा। दिन भर बादल छाए रहने और बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आई तो सड़कों पर गंदगी और कीचड़ ने दुश्वारियां भी पैदा कर दीं। अगले तीन दिन तक मौसम इसी तरह बना रहने का अनुुमान है। शुक्रवार को तेज बारिश की भी संभावना है।
पिछले कई दिन से मौसम काफी गरम था। उमस के साथ बढ़ा हुआ तापमान भी लोगों को परेशान कर रहा था। बुधवार रात से ही बादल छा गए और बृहस्पतिवार को पूरा दिन हल्की बूंदाबांदी होती रही। अधिकतम तापमान 32 से गिरकर 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में गद्दी चौक, पटियाली सराय, बिरुआबाड़ी मंदिर के पास, पनबड़िया मोहल्ला, गांधी पार्क शिव मंदिर, कल्यान नगर, लोचीनगला आदि स्थानों पर टूटी सड़कों पर हुए जलभराव से लोग परेशान दिखे।
तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ेगा बीमारियों का प्रकोप
तापमान में हो रहा उतार-चढ़ाव सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इस सीजन में वायरल फीवर के साथ मलेरिया, डायरिया, डेंगू और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ेंगी। दूषित जल के कारण जलजनित बीमारियां जैसे डायरिया का प्रकोप भी बढ़ेगा। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए इस तरह तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छ जल पियें, मच्छरजनित बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर या घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- डॉ. अमित रस्तोगी, फिजीशियन
दो दिन और ऐसा ही रह सकता है मौसम
इस बार मानसून बीच में कमजोर पड़ गया था। आमतौर पर सावन को बारिश का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार सावन में ज्यादा बारिश नहीं हुई। अब एक बार फिर से बंगाल की खाड़ी में चक्रवर्ती परिसंचरण पैदा हो रहा है। 10 सितंबर से ही तेज हवाओं के साथ बंगाल की खाड़ी से परिसंचरण बिहार होते हुए उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। कम दबाव के क्षेत्रों में इन दिनों इसी कारण लगातार बूंदाबांदी हो रही है। बदायूं समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को भी मौसम लगभग इसी तरह का बना रहने का अनुमान है।
- डॉ. आलोक सागर गौतम, मौसम वैज्ञानिक