कोरोना टीकाकरण रफ्तार पकड़ रहा है। किशोर-किशोरियों और बच्चों को एक जून से पहले टीका लगाया जाना है। टीकाकरण के लिए जागरूक करने को धर्मगुरुओं के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं भी आगे आई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी बुलावा टोलियों का गठन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दरअसल, एक जून को स्कूल-कॉलेज बंद होने से पहले 15 से 17 वर्ष के 2.19 लाख किशोर-किशोरियों और 12 से 14 वर्ष तक के 1.32 लाख बच्चों को टीका लगाया जाना है। अब तक 215926 किशोर-किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें 86383 किशोर-किशोरियों ने दूसरा टीका लगवा लिया है। बच्चों की बात करें तो पांच हजार से ज्यादा बच्चों को टीका लग चुका है। अभिभावक और शिक्षक भी बच्चों को टीका के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इन दिनों जिले में किशोर-किशोरियों को टीकाकरण के 56 और बच्चों के लिए टीकाकरण के 17 केंद्र चल रहे हैं।
दरअसल, जून के अंत तक कोरोना की चौथी लहर का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सरकारी चाहती है कि शत-प्रतिशत किशोर-किशोरियों और बच्चों का भी टीकाकरण पूरा कर लिया जाएगा। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में व्यस्कों का शत-प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। मंगलवार से स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों केे टीकाकरण को विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।
बरतें सावधानी, खाली पेट न लगवाएं टीका : एसीएमओ
बदायूं। बच्चों और किशोर किशोरियों के टीकाकरण को लेकर वैसे तो कोई खास सावधानी की जरूरत नहीं है। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं अब तक कहीं से किसी तरह की समस्या की कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन, टीका लगवाने से पहले जरूरी है कि भोजन कर लें। खाली पेट टीका लगवाने पर कुछ कमजोरी महसूस हो सकती है। एसीएमओ डॉ. मोहम्मद असलम ने बताया कि भोजन करने के बाद शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा का संचार हो जाता है। ऐसे में बच्चों के लिए जरूरी है कि वे खाली पेट टीका न लगवाएं। टीका लगवाने के बाद कुछ देर आराम भी करें।
बच्चे बोले-टीका लगवाने के बाद नहीं हुई कोई दिक्कत
टीका लगवाने के बाद किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। यह बात सही है कि इंजेक्शन से डर लगता है, लेकिन कोरोना के खतरे से भी बचना है। सहपाठियों के साथ टीका लगवा लिया है।
-देव गुप्ता
टीका लगवाने के बाद काफी बेहतर महसूस होने के बाद गर्व की अनुभूति हो रही है। मुझे तो इंतजार था कि बच्चों का टीकाकरण कब से शुरू होगा। सभी को टीका लगवाना चाहिए।
-यश गुप्ता
लड़कियां भी टीका लगवाने में किसी से पीछे नहीं हैं। जब स्कूलों में शिविर लगता है तो लड़कों के बराबर ही लड़कियों की लाइन भी लगता है। लड़कियों में कोई भय या भ्रांति नहीं है।
-वैष्णवी शर्मा
कहने की बात है कि लड़कियों में टीके को लेकर किसी तरह की भय या भ्रांति है। मुझे तो ऐसा नहीं लगता। बच्चों के टीकाकरण शिविरों में लड़कियों की लाइनें इसकी गवाह हैं।
-तनवी चौहान
अभिभावक टीके को लेकर गंभीर
अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाएं। अगर स्कूलों में टीकाकरण शिविर नहीं लग रहा हो तो अन्य केंद्रों पर भी बच्चों का टीकाकरण कराया जा रहा है। मैंने भी अपने बच्चों का जिला महिला अस्पताल स्थित केंद्र पर टीकाकरण कराया।
-शैलजा सिंह
मेरे पूरे परिवार में सभी का टीकाकरण हो चुका है। बच्चों को भी वैक्सीन की पहली डोज लग गई है। अगर अभिभावक बच्चों के टीकाकरण को लेकर गंभीर होंगे तो निश्चित ही समय से पहले जिले में बच्चों के टीकाकरण का शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। इसका लाभ भी होगा।
-अनुज कुमार
धर्मगुरु बोले
कोरोना की पहली लहर से ज्यादा खतरनाक दूसरी लहर थी, लेकिन तीसरी लहर कहां गुजर गई कुछ पता ही नहीं लगा। लोग संक्रमित हुए और तेजी से स्वस्थ भी हो गए। इसका एक प्रमुख कारण टीकाकरण ही है। तीसरी लहर आने से पहले टीकाकरण शुरू हो चुका था। अगर अब भी कोरोना टीके को लेकर कोई भ्रांति पाते हुए हैं तो यह उसकी गलती है।
-पंडित अभिमन्य पांडेय, पुजारी बिरुआबाड़ी मंदिर
कोरोना से बचाव को टीका ही कवच
कोरोना से बचाव का एक ही कवच है और वह है टीका। शत-प्रतिशत लोगों को टीका लगवाने की जरूरत है। अभिभावकों को भी चाहिए कि बच्चों को तो प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाना हमारी जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की भ्रांति में न आएं। विशेषज्ञ साफ कर चुके हैं कि कोरोना की लहर फिर से आ सकती है। बचाव के लिए टीका बेहद जरूरी है।
-सरदार अजीत सिंह, प्रधान जोगीपुरा गुरुद्वारा
किसी तरह की भ्रम और भ्रांति में न पड़ें
कोरोना से बचाव का टीकाकरण ही है, अगर अब भी कोई टीके को लेकर किसी तरह के भ्रम या भ्रांति में रहता है तो यह उसकी गलती है। तीन लहरें गुजर चुकी हैं। चौथी लहर में बच्चों के लिए भी खतरा हो सकता है ऐसे में सरकार बच्चों को टीका लगवाने पर जोर दे रही है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को जिम्मेदारी के साथ टीका लगवाएं। लोगों को जागरूक भी करें।
-मौलाना फैसल कादरी, मस्जिद मीराजी
बच्चों को भी जरूर टीका लगवाएं
कोरोना का टीका सिर्फ एक टीका नहीं बल्कि जीवन है। मैनें खुद दोनों टीके लगवाएं हैं। बूस्टर डोज भी जल्द लगवाऊंगा। लोगों को कोरोना के टीके को लेकर किसी तरह का शक नहीं करना चाहिए। बच्चों को तो टीका लगवाना बेहद जरूरी है। जीवन सुरक्षित रखने के लिए टीका ही एक उपाय है। सभी को मिलकर टीकाकरण के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
-ईपी सिंह, पादरी सेंट्रल मैथेडिस्ट चर्च
टीकाकरण की रफ्तार संतोषजनक है। जून से पहले किशोर-किशोरियों और बच्चों के टीकाकरण का शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। स्कूल कॉलेजों की ओर से पूरा सहयोग मिला रहा है। टीके को लेकर किसी तरह की भ्रांति भी नहीं है। बोर्ड परीक्षाओं के कारण इन दिनों टीकाकरण की रफ्तार कुछ कम है।
-डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण