बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नेकपुर मोहल्ले में मंगलवार सुबह रिटायर्ड चीनी मिल कर्मचारी हेतराम (63) की मौत हो गई। वह काफी समय से चीनी मिल से अपना बकाया मांग रहे थे। दिवाली के पहले से उनका धरना प्रदर्शन भी चल रहा था। सुबह उनकी मौत के बाद परिवारवालों ने हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया।
63 वर्षीय हेतराम पाल मूल रूप से दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव मुड़सेना के निवासी थे। बाद में वह शहर के मोहल्ला नेकपुर में बस गए। हेतराम पाल दि सहकारी चीनी मिल शेखूपुर में हेल्पर के पद से साल 2018 में रिटायर्ड हुए थे। तब से उनका चीनी मिल पर बकाया रुपया नहीं मिला था। परिवार वालों के मुताबिक चीनी मिल पर उनके करीब नौ लाख रुपये आ रहे हैं। पिछली बार सभी रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ पिता ने भी मालवीय आवास पर 78 दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनका रुपया दे दिया जाएगा। इसके बावजूद उन्हें रुपये नहीं दिए गए।
परिवार वालों के मुताबिक रुपये न मिलने से हेतराम काफी परेशान थे। सोमवार शाम उनकी हालत बिगड़ गई। मंगलवार सुबह घर पर उन्होंने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना पर तमाम रिटायर्ड कर्मचारी पहुंच गए। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने उनका शव धरना स्थल मालवीय आवास पर रखकर प्रदर्शन करने को कहा। इस पर सीओ सिटी आलोक मिश्रा, कोतवाली और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर भी पहुंच गए। काफी देर हंगामा चलता रहा। पुलिस अधिकारियों ने मिल के अधिकारियों से बात की। उन्होंने फौरी तौर पर दो लाख रुपये देने का आश्वासन दिया गया तब परिवारवाले शांत हुए। देर शाम परिवार वालों ने उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया।