शहर के एक शोरूम में बिक्री के लिए रखे रेडीमेड गारमेंट्स। संवाद
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बदायूं। हाल ही में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में रेडीमेड गारमेंट पर जीएसटी बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। देर-सवेर जीएसटी में इजाफा होने को लेकर रेडीमेंड गारमेंट कारोबारी परेशान हैं। अब तक जीएसटी पांच प्रतिशत था नोटिफिकेशन जारी होने के बाद यह बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि इसका सीधा असर कारोबार पर होगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद एक हजार रुपये से कम दाम वाले रेडीमेड गारमेंट यानी सिले-सिलाए वस्त्र भी महंगे हो जाएंगे। गारमेंट कारोबारियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमत बढ़ने से कपड़ों की कीमतों में पिछले एक साल में पहले ही 20 फीसदी तक का इजाफा हो चुका है। अब एक अक्तूबर से जीएसटी में बढ़ोतरी होने से कारोबार पर विपरीत असर होगा। संवाद
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यह बोले रेडीमेड गारमेंट व्यापारी
कोरोना काल के दौरान रेडीमेड गारमेंट बुरे दौर से गुजर रहा है। रेडीमेड गारमेंट पर एक साथ जीएसटी को बढ़ाकर 12 फीसदी करना व्यापार के लिए नुकसानदेह साबित होगा।
-उमेश चंद्र रस्तोगी
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एक हजार रुपये तक के रेडीमेड गारमेंट पर भी अगर जीएसटी पांच से बढ़ाकर 12 फीसदी किया जाता है तो इसका सीधा असर कारोबार पर होगा। जीएसटी में इजाफा करने का यह सही समय नहीं है।
-करन दीवान
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रेडीमेंट गारमेंट का कारोबार पहले से ही मंदा है। दरअसल, ज्यादा खरीददार एक हजार रुपये से कम के रेडीमेड गारमेंट ही खरीदते हैं। अब ग्राहक को अब इसके लिए 12 फीसदी टैक्स देना होगा।
-ज्योति प्रकाश
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रेडीमेड गारमेंट व्यापारी पर जीएसटी में एक साथ सात फीसदी का इजाफा कारोबार के लिए नुकसानदेह होगा। पहले से ही रेडीमेड गारमेंट का कारोबार कोरोना के कारण काफी प्रभावित है।
-सावन अरोरा
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अब तक एक हजार रुपये से कम कीमत वाले गारमेंट पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। एक अब बढ़ाकर 12 फीसदी किया जाना है। दरअसल, गारमेंट के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले जैसे कच्चे माल पर 12 फीसद की दर से जीएसटी लगता है। जीएसटी काउंसिल ने अभी यह सिफारिश की है। इसे अभी लागू नहीं किया गया है। जीएसटी बढ़ाए जाने संबंधी अभी कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है।
-एएल सिंह, सहायक आयुक्त वाणिज्यकर