उझानी (बदायूं)। राजस्थान के करौली निवासी सेठ किरोडी लाल समेत चार-पांच व्यापारियों को नगर निवासी एक युवक करीब दो साल पहले चूना लगा आया। वहां उसने सेठ की दुकान किराए पर लेकर कपड़े का व्यापार किया फिर दूसरे व्यापारियों से थोक में कपड़ा उधार लिया। स्टॉक खत्म हुआ तो दुकान में ताला डालकर चला आया। करीब दो साल से उसकी तलाश में चक्कर काट रहे सेठ रविवार को फिर आए लेकिन वह घर पर नहीं मिला।
सेठ किरोडी लाल ने आरोपी युवक के बारे पूरी दास्तान एक होटल में खाना खाते समय लोगों को सुनाई। करौली शहर में बूरे वाली गली निवासी सेठ की साथ उनकी पत्नी शांति देवी, रिश्तेदार श्यामसुंदर और उसकी पत्नी मंजूरानी के अलावा ड्राइवर आशु भी रहे। बकौल किरोडी लाल- ढाई साल पहले उनके पास उझानी का युवक पहुंचा। खुद को कपड़े का कारोबारी बताने वाले युवक ने उनकी दुकान किराए पर ली। उसी दुकान में व्यापार किया। दुकान चल गई तो आसपास के थोक व्यापारियों से उधार माल भी खरीद लिया। छह महीना बाद वह दुकान में ताला डालकर चला गया फिर लौटकर करौली नहीं पहुंचा।
किरोडी लाल ने आरोपी युवक का फोटो भी दिखाया। कुछेक लोगों ने उसे पहचान भी लिया। सेठ के मुताबिक- उसकी तलाश में वह तीन बार पहले भी आ चुके हैं। आरोपी के घर पर पहुंचो तो परिवार के लोग उसे व्यापार के सिलसिले में बाहर बताकर टरका देते हैं। सेठ ने रकम को लेकर कुछभी कहने से इनकार कर दिया। जाते समय सेठ ने यह भी बताया कि कुछ व्यापारी उन्हें बुलाकर लाने के लिए दबाव डालते हैं। बावजूद इसके सेठ ने अभी तक कोतवाली पुलिस से संपर्क नहीं साधा है।