गंगा में जलस्तर बढ़ने के बाद घाट पर खड़ी नावें। संवाद
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उझानी/कछला (बदायूं)। दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान गंगा में बहे फिरोजाबाद निवासी चार युवकों में तीन का सुराग नहीं लगने से मायूस होकर उनके परिजन मंगलवार तड़के घर लौट गए। गंगा में जलस्तर बढ़ने से खोजबीन का काम भी पूरे दिन प्रभावित रहा। एसडीआरएफ की टीम के भी बरेली लौट जाने की घाट पर चर्चा रही लेकिन पीएसी के गोताखोर कछला घाट पर ही डटे रहे।
हादसा शुक्रवार को हुआ था। फिरोजाबाद जिले के नारखी थाना क्षेत्र के गांव बछगांव निवासी दीपक गुप्ता, राहुल उर्फ रामू शर्मा, भोला और कुणाल शर्मा कछला घाट पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करते समय बह गए थे। दो दिन पहले कुणाल का शव तो बरामद कर लिया गया लेकिन बाकी तीन लोगों का सुराग नहीं लग सका। इस बीच मंगलवार तड़के गंगा में जलस्तर बढ़ गया। देर शाम तक साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी और आने की संभावना जताई गई, ऐसे में तलाशी अभियान भी प्रभावित रहा। परिस्थितियों को देखते हुए दीपक, रामू और भोला के परिजन तड़के लौट गए। जाने से पहले उन्होंने निजी गोताखोरों से बात कर उन्हें शवों की तलाश जारी रखने का अनुरोध किया। इधर पीएसी के जवान अब भी कछला कसबे में ही कैंप किए हुए हैं। इधर घाट पर मौजूद लोगों में एसडीआरएफ की टीम के बरेली लौट जाने की चर्चा रही। बताते हैं कि जलस्तर में कमी आने के बाद एक बार फिर से तलाशी अभियान शुरू होगा।
गंगा में जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते ही तीनों युवकों की तलाश प्रभावित हुई है। फिर भी पुलिसकर्मी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। एसडीआरएफ और पीएसी के जवान कछला में ही हैं। जलस्तर में कमी होने पर उन्हें फिर से तलाशी को लगाया जाएगा।
- गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय, सीओ