बदायूं। शहर में रोडवेज बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में लगने वाला जाम लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। आम लोगों को नहीं पता कि जाम का एक कारण पुराने डिपो का डीजल पंप भी है। वर्कशॉप एक साल पहले ही नए भवन में शिफ्ट हो चुका है, लेकिन वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण डीजल पंप नए वर्कशॉप में शिफ्ट नहीं हो पा रहा।
दरअसल, रोडवेज का डीजल पंप इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), वन विभाग और रोडवेज के बीच खींचतान में फंसा हुआ है। ऐसे में डिपो की 131 बसों को रोज पुराने बस स्टैंड पर डीजल भरवाने आना पड़ता है। रोडवेज बस स्टैंड शहर का काफी व्यस्त इलाका है। यहां चौबीस घंटे चहल-पहल रहती है। रोडवेज बस स्टैंड के पास ही निजी बस स्टैंड है। यहां से भी रोज 250 से ज्यादा निजी बसों का संचालन होता है। इसके साथ ही प्रमुख लावेला चौक, वाटर वर्क्स रोड, जीआईसी, अंबेडकर पार्क, पुलिस लाइंस चौराहा भी पास-पास ही हैं। बरेली-मथुरा और मुरादाबाद-फर्रुखाबाद के साथ बदायूं-बिजनौर हाईवे भी यहां से होकर गुजरते हैं। ऐसे में यहां वाहनों का दबाव बना रहता है। रोज बड़ी संख्या में रोडवेज बसों के यहां आने के कारण हालात ज्यादा खराब रहते हैं।
आस-पास के दुकानदारों का कहना है कि रोज ही यहां जाम लगता है। दुकानदारों का कहना है कि अगर रोडवेज का डीजल पंप नए वर्कशॉप में शिफ्ट हो जाए तो बसों के बार-बार डीजल लेने के लिए पुराने स्टैंड तक लगने वाले चक्कर खत्म हो जाएंगे। इससे जाम से भी छुटकारा मिलेगा।
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डग्गामारी के लिए कुख्यात है आसपास का इलाका
रोडवेज बस स्टैंड के आसपास का इलाका डग्गामारी को लेकर कुख्यात है। नियमानुसार परिवहन निगम के बस स्टैंड की परिधि में दो सौ मीटर तक निजी वाहनों में सवारियों को नहीं भरा जा सकता, लेकिन यहां जीआईसी चौराहा और वाटर वर्क्स रोड से डग्गमार वाहनों का संचालन होता है। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती। इसको लेकर धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल तक हो चुकी है।
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ये बोले दुकानदार
रोडवेज और आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम और यहां की सड़कों की दुर्दशा के लिए अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं होती।
-जगदीश कुमार
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रोडवेज के आस-पास जाम ही नहीं डग्गामारी और अव्यवस्थाएं भी जिम्मेदार हैं। डिपो का डीजल पंप शिफ्ट कराने में देरी के पीछे भी अधिकारियों की मंशा ठीक नहीं लगती।
-गौरव अरोरा
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रोडवेज का वर्कशॉप शिफ्ट हुए एक साल से ज्यादा हो गया है। इसके बाद भी पुराने स्टैंड पर बसों का जमावड़ा रहता है। डीजल पंप शिफ्ट हो तो कुछ राहत मिले।
-गुलाम मुईनुद्दीन
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रोडवेज बस स्टैंड के आस-पास अतिक्रमण हटाने के नाम पर तमाम दुकानों को तोड़ दिया गया, लेकिन इसके बाद भी जाम की समस्या खत्म नहीं हुई है।
-विजय मेंहदीरत्ता
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डीजल पंप के संबंध में आईओसी के सेल्स ऑफीसर से बात की है। एनओसी का मामला वन विभाग के स्तर पर लटका हुआ है। अगर निगम की ओर से एनओसी संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने में कोई कमी शेष है तो वन विभाग को इस संबंध में निगम को लिखना चाहिए था। अब तक इस संबंध में वन विभाग ने निगम को नहीं लिखा है। मैने हाल ही में चार्ज लिया है। इस संबंध में डीएफओ और संबंधितों से बात करके डीजल पंप शिफ्ट कराने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
- लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो