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बालाजी दरबार में हुआ श्रीराम व सीता का विवाह

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बालाजी दरबार में रामकथा का वाचन करते कथा वाचक। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। उझानी रोड स्थित संकटमोचन बालाजी दरबार में हनुमान जन्मोत्सव के कार्यक्रम चल रहे हैं। इसी क्रम में चौथे दिन कथा व्यास पंडित दिनेश मोहन ने भगवान श्री राम के विवाह का प्रसंग सुनाया। सीता-राम स्वरूप सजाए गए तो महिलाओं ने आरती उतारी।
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कथा व्यास ने बताया कि गुरु विश्वामित्र के साथ दोनों भाई राम-लक्ष्मण जनकपुरी की यात्रा कर रहे थे। रास्ते में अहिल्या का उद्धार कर जनकपुरी पहुंचे तो राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता का विवाह इस शर्त पर रखा कि जो राजा भगवान शंकर का विशाल धनुष तोडे़गा, वही मेरी पुत्री से विवाह करेगा। बड़े-बड़े राजा महाराजा धनुष को हिला भी न सके। राजा जनक को चिंता हुई तो विश्वामित्र की आज्ञा पर श्री राम ने एक ही पल में धनुष तोड़ दिया। सीता जी ने श्री राम को जयमाला पहनाई। बालाजी दरबार में कथा के दौरान बधाई गीत पंडित प्रवीण ने सुनाया। यहां पंडित रवि, पंडित योगेश, पंडित विष्णु ने विवाह में पूरा सहयोग दिया। विवाह उत्सव का भक्तों ने खूब आनंद लिया।
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