नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री बोस का स्वागत करते पदाधिकारी।संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री और अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री बोस चौधरी बृहस्पतिवार को बदायूं पहुंचीं। एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उन्होंने कलक्ट्रेट जाकर एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में शहर के एक धर्म स्थल को आक्रांता की निशानी बताकर कुछ साक्ष्य भी सौंपे। कहा गया है कि नीलकंठ महादेव के मंदिर को तोड़कर यह धर्मस्थल बनाया गया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है।
ज्ञापन में मुस्लिम शासक दिल्ली के सुल्तान रहे इल्तुतमिश का जिक्र किया गया है। कहा गया है कि नीलकंठ महादेव के मंदिर के स्थान पर उसी ने यह धर्मस्थल बनवा दिया था। यह धर्मस्थल आक्रमणकारियों की दहशत का प्रतीक है। कानून के अनुसार नीलकंठ महादेव मंदिर पर बनाए गए संबंधित धर्मस्थल को हटाया जाना चाहिए।
एडीएम को ज्ञापन देने के बाद उन्होंने लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में पत्रकारों से भी बात की।
राजश्री बोस ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में अखिल भारत हिंदू महासभा अपने दमखम पर चुनाव मैदान में उतरेंगी। महासभा सनातन धर्म के प्रतीकों का सम्मान करने वाले दलों का स्वागत करती है। महासभा का उद्देश्य हिंदू राष्ट्र, और सनातन धर्म की रक्षा करना है। इस मौके पर संगठन के प्रदेश संयोजक मुकेश सिंह पटेल, अरविंद परमार एडवोकेट, आकाश शर्मा, सुभम अग्रवाल, राम निवास पटेल, ब्रजपाल सिंह, प्रेम स्वरूप वैश्य, वेद प्रकाश आदि मौजूद रहे।
-
हिंदू महासभा की अध्यक्ष राजश्री बोस कार्यालय आईं थीं। उन्होंने एक धर्मस्थल से संबंधित ज्ञापन दिया था। इस ज्ञापन को संबंधित लोगों को भिजवा दिया है।
- ऋतु पुनिया, एडीएम प्रशासन