बदायूं। पुलिस लाइन ग्राउंड में चल रही एंबुलेंस कर्मचारियों की भर्ती सोमवार को निपट गई। दो दिन हंगामे की भेंट चढ़ी भर्ती आखिरी दिन शांतिपूर्ण तरीके से गुजरा। इसकी वजह रही कि कप्तान ने पुलिस और पीएसी को निगरानी और व्यवस्था बनाने के लिए लगा दिया था। करीब दो हजार आवेदकों ने लिखित परीक्षा के साथ एंबुलेंस भी चलाई। करीब तीन सौ चालकों के आवेदन निरस्त किए गए।
शनिवार से पुलिस लाइन ग्राउंड में एंबुलेंस कर्मचारियों की भर्ती चल रही है। इसके पहले दिन चालकों और ईएमटी के पदों पर करीब आठ सौ आवेदन आए थे। इसके दूसरे दिन यानी रविवार को करीब दो हजार लोगों ने आवेदन जमा किए लेकिन रविवार को अनुमान से ज्यादा भीड़ पहुंच गई। जिन जिलों के आवेदकों को बुलाया गया था। उनके अलावा अन्य जिलों के लोग भी भर्ती में पहुंच गए थे। आवेदन जमा करने के दौरान ज्यादा भीड़ होने से उनमें धक्कामुक्की तक हो गई थी। कई आवेदक जमीन पर गिर गए थे। इससे करीब चार घंटे तक भर्ती स्थगित करनी पड़ी। हालांकि शाम के समय दोबारा भर्ती शुरू हुई। जिन लोगों ने सुबह आवेदन जमा कर दिए थे। उनका शाम के समय टेस्ट कराया गया। रविवार को भर्ती के दौरान अव्यवस्था हुई। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी भर्ती में पुलिस की फजीहत होने लगी तो एसएसपी एक्शन में आ गए। उन्होंने सोमवार सुबह पुलिस लाइन ग्राउंड में पुलिस व पीएसी तैनात कर दी।
सड़क पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी लगाए गए। जबकि पुलिस लाइन ग्राउंड में आवेदकों की लाइन लगवाने के लिए पुलिस व पीएसी के जवानों ने व्यवस्था संभाली। इससे एक-एक आवेदक ने अपना आवेदन लाइन से जमा किया। इस दौरान ईएमटी के पदों पर आवेदन करने वालों की अलग लाइन लगवाई गई और उन्हें ग्राउंड में भी अलग जगह बैठाया गया। उनके अलावा पायलट आवेदकों की अलग लाइन लगवाई गई। उनकी पहले टेस्ट ड्राइव कराई गई। बाद में उनकी लिखित परीक्षा भी कराई गई। इसी तरह ईएमटी के आवेदकों की भी लिखित परीक्षा कराई गई। बताते हैं कि पायलट टेस्ट ड्राइव के दौरान करीब तीन सौ लोग फेल हो गए। उनके आवेदन वहीं निरस्त कर दिए गए। ये भर्ती सुबह नौ बजे शुरू हुई थी। शाम करीब छह बजे तक भर्ती चली।
कॉल करके बुलाए जाएंगे पास आवेदक
सोमवार को आखिरी दिन एंबुलेंस कर्मचारियों की भर्ती के दौरान लिखित परीक्षा देने वाले आवेदकों को बताया गया कि उन्हें लिखित परीक्षा के आधार पर कॉल करके बुलाया जाएगा। अब उनका साक्षात्कार होना शेष रह गया है। ये साक्षात्कार कब और कहां संपन्न होगा, फिलहाल इसकी तरीख निश्चित नहीं की गई है।
लाइन से हटी एंबुलेंस तो टूटा नौकरी का सपना
एंबुलेंस कर्मचारियों की भर्ती के दौरान तमाम आवेदक ऐसे देखने को मिले, जिन्हें एंबुलेंस चलाना ही नहीं आती थी। उन्होंने आवेदन करते हुए जैसे ही एंबुलेंस का स्टेयरिंग संभाला कि कोई पहिया लाइन से बाहर निकल गया या फिर एंबुलेंस बढ़ाने से पहले ही बंद हो गई। इस दौरान आवेदकों से सीधी एल मोड़ और उल्टी एल मोड़ पर एंबुलेंस चलवाकर दिखवाई गई। कुछ सीधी एल मोड़ के टेस्ट ड्राइव में पास हो गए तो उल्टी मोड़ पर आकर फेल हो गए। वहीं से उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
सुबह छह बजे ही पहुंच गए आवेदक
कोरोना काल में हर व्यक्ति को नुकसान उठाना पड़ा है। इससे बेरोजगारी भी बढ़ी है। हर व्यक्ति नौकरी या अच्छा धंधा करना चाहता है लेकिन धन के अभाव में सपने पूरे नहीं हो रहे। सोमवार सुबह इसका जीता जागता सबूत देखने को मिला। तमाम लोग सुबह छह बजे ही पुलिस लाइन ग्राउंड पहुंच गए। वह दिन भर लाइन में लगे रहे। उनमें तमाम लोगों को वापस भी लौटना पड़ा लेकिन उन्हें भोजन नसीब नहीं हुआ। उन्हें सिर्फ अपना भविष्य दिखाई दे रहा था। इसके चलते भूख, प्यास और धूप की ओर किसी का ध्यान ही नहीं गया।
सोमवार को एंबुलेंस कर्मचारियों की भर्ती का आखिरी दिन था। भर्ती अच्छी तरह निपट गई। आज भी करीब दो हजार लोगों ने आवेदन किया था। जिन आवेदकों की लिखित परीक्षा हुई है। उन्हें कॉल करके बुलाया जाएगा। जिन लोगों के आवेदन जमा हो चुके हैं और उनके टेस्ट नहीं हुए हैं। उन्हें बाद में भी बुलाया जा सकता है। - रोहित यादव, प्रभारी, 102 व 108 एंबुलेंस