उझानी (बदायूं)। बरेली-कासगंज ब्रॉडगेज लाइन का बदायूं जिले में उझानी स्टेशन ऐसा इकलौता स्टेशन है, जहां मालगाड़ियों में लोडिंग और अनलोडिंग का काम होता है। इसके लिए ट्रैक भी अलग से बना लेकिन मालगाड़ियों की आवाजाही के बाद भी स्टेशन से सटे अढौली फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए पहल नहीं की गई।
रेलवे ने बरेली-मथुरा हाईवे से जुड़े छतुइया फाटक और बिसौली-कासगंज सड़क मार्ग के वितरोई फाटक पर ओवरब्रिज के लिए सर्वे भी करवा लिया। उस वक्त भी अढौली फाटक पर रोज-रोज जाम के झमेले पर गौर नहीं किया गया। मालगाड़ियों की संख्या में इजाफा हुआ तो इलाके के लोगों की दिक्कतें भी बढ़ती जा रही हैं। ओवरब्रिज के अभाव में जाम से भी निजात नहीं मिल सकती।
ब्रॉडगेज लाइन करीब छह साल पहले अस्तित्व में आई है। इससे पहले मीटरगेज लाइन थी। यहां से होकर पीलीभीत के रास्ते वाया मैलानी होकर लखनऊ तो दूसरी तरफ कानपुर तक ट्रेनें चला करती थीं। ब्रॉडगेज लाइन पर ट्रेनों के संचालन के बाद उझानी को मालगाड़ियों में लोडिंग-अनलोडिंग को अलग से ट्रैक बना दिया गया। उझानी के अलावा जिले में किसी भी स्टेशन पर रेलवे की इतनी भूमि नहीं रही, जहां वह मालगाड़ियों में लोडिंग-अनलोडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
मालगाड़ियों में लोड करने के लिए अनाज लदे ट्रक स्टेशन पर पहुंचते हैं तो फाटक के आसपास से कादरचौक रोड तक वाहनों की कतार लग जाती है। साथ ही इंजन की शंटिंग के चलते भी अढौली फाटक को असमय बंद रखना पड़ता है। इसी फाटक से होकर कादरचौक ही नहीं बल्कि इलाके से सड़क मार्ग के जरिए कादरचौक के रास्ते मैनपुरी, एटा और इटावा आदि को वाहन गुजरते हैं। फाटक के आसपास के लोगों और दुकानदारों की मानें तो अढौली फाटक पर जाम की समस्या का इकलौता समाधान ओवरब्रिज का निर्माण है। ओवरब्रिज बन जाने के बाद उझानी-कादरचौक रोड के वाहन सवार लोगों के लिए जाम से निजात मिल जाएगी।
उझानी से बांग्लादेश तक गई है गेहूं की रैक
उझानी। स्टेशन से गेहूं की सर्वाधिक रैक लोड हुई हैं। बाजरा और मक्का की भी एक-दो रैक लोड होकर जा चुकी हैं लेकिन गेहूं की जो रैक लोड हुईं, उनमें छह-सात गुजरात के लिए गईं। पिछले साल यहां से गेहूं की दो रैक बांग्लादेश के लिए भी गई थीं। इसके अलावा भीलबाड़ा और गुजरात से खाद की रैक अनलोड होती रही हैं। खाद की सप्लाई भी पूरे जिले के लिए इसी स्टेशन से मुहैया कराई जाती है। जानकार बताते हैं कि पिछले साल ही शीरा की रैक लोड होकर निकली थी।
अढौली फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण को लेकर विभागीय स्तर से अभी कोई प्रस्ताव चर्चा में नहीं आया है। वितरोई और छतुइया रेल फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए पिछले साल सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इसके आगे की कार्रवाई निर्माण अनुभाग की ओर से की जानी है।- विपिन कुमार, स्टेशन मास्टर
नागरिकों की बात
व्यापारिक दृष्टिकोण से उझानी प्रमुख प्वाइंट है। हालांकि बड़े उद्योग धंधों पर ब्रेक लग चुका है लेकिन अनाज को लेकर अच्छा काम है। स्टेशन पर मालगाड़ियों की लोडिंग के दौरान ट्रकों की वजह से जो दिक्कत है, उसका समाधान ओवरब्रिज बनने से ही होगा।- नितिन गुप्ता, कोल्ड स्टोरेज मालिक
मालगाड़ियां और ट्रेनों की संख्या में इजाफा होने का लाभ हर वर्ग के व्यक्ति को मिलेगा। साथ ही उसे आवागमन में दिक्कत भी नहीं होनी चाहिए। ज्यादा आवाजाही वाले क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण रेल विभाग की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए।- नवीन कुमार, शिक्षक
अढौली फाटक पर ओवरब्रिज नहीं बनने से आवागमन में दिक्कत के साथ ही व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। फाटक से पंखा रोड और अढौली गांव तक जाने के लिए फाटक पर लोगों का काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। अनाज लदे ट्रक के चालक भी दिक्कत बढ़ा रहे हैं।- राहुल वार्ष्णेय, व्यापारी
फाटक और धर्मकांटा के पास बेतरतीब खड़े वाहनों की वजह से लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलनी चाहिए। कादरचौक रोड के आसपास गांवों के लोगों के लिए कभी-कभी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।- अवनीश यादव, बुर्रा फरीदपुर