अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से अदालत में दावा दायर किया था कि जामा मस्जिद से पहले यहां पर नीलकंठ महादेव का मंदिर था, जिस पर सनातनी पूजा अर्चना करते थे। इसकी पोषणीयता पर सुनवाई चल रही है।
बदायूं के नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले में मंगलवार को फिर सुनवाई टल गई। अब सुनवाई नौ फरवरी को होगी। सिविल जज सीनियर डिवीजन/एफटीसी कोर्ट के न्यायाधीश मनीष कुमार तृतीय की कोर्ट में यह मामला विचाराधीन है।
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अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल की ओर से सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में याचिका दायर की गई थी। इसमें जामा मस्जिद शम्सी की जगह नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया गया है। याचिका की पोषणीयता पर सुनवाई चल रही है।
पिछली तारीख पर सुनवाई न हो पाने के कारण कोर्ट ने मामले की सुनवाई को 30 जनवरी की तारीख दी थी, लेकिन मंगलवार को मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। अब नौ फरवरी को सिविल जज सीनियर डिवीजन/एफटीसी कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी।