ऐतिहासिक ककोड़ा देवी मंदिर। (फाइल)
- फोटो : BADAUN
बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा के आयोजन को शासन से अनुमति मिल गई है। मंगलवार को प्रशासन और जिला पंचायत की संयुक्त टीम गंगा किनारे मेला स्थल का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद प्रशासन के स्तर से मेला आयोजन के स्वरूप को तय किया जाएगा। पिछले वर्ष मेला ककोड़ा का आयोजन नहीं हो सका था। इस वर्ष मेले के आयोजन की अनुमति मिलने से श्रद्धालुओं में खुशी है।
कार्तिक पूर्णिमा पर ककोड़ा में गंगा किनारे लगने वाला मेला ककोड़ा ऐतिहासिक आयोजन है। मेले में कई दिन तक श्रद्धालु और साधु-संत गंगा किनारे कल्पवास करते हैं। गंगा किनारे बसने वाले तंबुओं के इस स्थायी शहर में बदायूं के साथ बरेली, पीलीभीत, संभल जिलों के श्रद्धालु काफी संख्या में पहुंचते हैं। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के प्रकोप के कारण ऐतिहासिक मेला ककोड़ा का आयोजन नहीं हो सका था। पिछले दिनों शासन से जिला पंचायत ने मेला आयोजन की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण हाल ही में हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में प्रतीकात्मक रूप से झंडी और गंगा पूजन का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब शासन से मेले के आयोजन की अनुमति मिल गई है।
शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार ने कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मेले के आयोजन की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही जिला पंचायत और प्रशासन के स्तर से मेला आयोजन की तैयारियां की जाने लगी हैं। मंगलवार को प्रशासन और जिला पंचायत की टीम मेला स्थल पर जायजा लेगी। टीम के निरीक्षण के बाद डीएम के स्तर से मेला आयोजन का स्वरूप तय किया जाएगा। मेला आयोजन की अनुमति मिलने से श्रद्धालुओं, जनता व व्यापारी वर्ग में खुशी है।
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कोरोना गाइड लाइन के अनुसार मेला ककोड़ा का आयोजन किया जा सकता है। शासन से मेला ककोड़ा के आयोजन को अनुमति मिल गई है। मंगलवार को प्रशासन और जिला पंचायत की टीम मेला स्थल का निरीक्षण करेगी। मेला आयोजन का स्वरूप क्या होगा यह स्थलीय निरीक्षण के बाद ही तय किया जाएगा।
-सत्यपाल, एएमए जिला पंचायत