फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, बंदी में भी खुले बाजार, खूब हुई खरीदारी

विज्ञापन
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में की जा रही सफाई। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
बदायूं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। साप्ताहिक बंदी होने के बाद भी रविवार को ज्यादातर बाजार खुले रहे। दिन में कुछ समय बूंदाबांदी के दौरान खरीदारी जरूर प्रभावित हुई, लेकिन दोपहर से लेकर शाम तक बाजारों में भीड़ रही। इस दौरान दुकानदार और खरीदार कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए नहीं दिखे।
विज्ञापन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से एक दिन पहले मंदिरों में भी दिन भर तैयारियां चलती रहीं। साफ-सफाई के साथ साज-सज्जा होती रही। श्री राधा-कृष्ण के दरबार सजाए गए। बिरुआबाड़ी मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, मीराजी चौकी स्थित हनुमान मंदिर, नगला मंदिर, हर प्रसाद मंदिर में विशेष तैयारियां की गईं। मीरा चौकी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पंडित रुपेश शर्मा ने बताया की जन्माष्टमी पर्व पूरे विधि विधान से मनाया जाएगा। पूजा-अर्चना के दौरान सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा।
इधर, रविवार को बंदी दिवस होने के बाद भी शहर के ज्यादातर बाजार खुले रहे। बाजारों में लोगों ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए खरीदारी की। महिलाओं और युवतियों में खरीदारी को लेकर खास उत्साह दिखा। लोगों ने लड्डूू गोपाल, बांसुरी, श्रीकृष्ण की पोशाक, पालना, मोरपंखी, मुकुट लिए। नंदगोपाल की पोशाक, मोरपंखी मुकुट, बांसुरी की ज्यादा मांग रही।
विज्ञापन

-
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए कोरोना गाइड लाइन का पालन करना जरूरी रहेगा। मंदिर में भीड़ नहीं लगने दी जाएगी। बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। -पंडित रुपेश शर्मा, प्राचीन हनुमान मंदिर, मीराजी चौकी
-
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस बार 30 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। द्वारिकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया जाएगा।
- श्रीकांत शर्मा, द्वारिकाधीश मंदिर, छतरी कुआं
-
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार विशेष योग
ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज के अनुसार इस बार जन्माष्टमी पर विशेष योग बन रहा है। भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार 30 अगस्त को जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस बार जन्माष्टमी पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। 29 अगस्त को रात 11.24 मिनट 38 सेकेंड पर अष्टमी प्रारंभ हो जाएगी। जो 30 अगस्त के आधी रात के बाद 1.59 दो सेकेंड तक रहेगी। 30 अगस्त को शाम 6.37 बजे रोहिणी नक्षत्र लग रहा है। करीब 15 साल बाद अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र एक साथ पड़ रहे हैं। 30 अगस्त को रात 12 बजे भगवान का जन्म होगा, दिन सोमवार रहेगा। जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा करें। लड्डू गोपाल का जलाभिषेक करें और झूले में बैठाकर झुलाएं। लड्डू गोपाल को सात्विक भोग लगाएं। संवाद

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए खरीदारी को दुकान पर लगी भीड़।संवाद- फोटो : BADAUN

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें