क्षेत्र की जनता के लिए बुरी खबर है। यह कि बिल्सी में बनने वाले रोडवेज डिपो की स्थापना का मामला फिर से खटाई में पड़ गया, क्योंकि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा यहां स्थापित होने वाले रोडवेज डिपो की भूमि का प्रस्ताव एक बार फिर से खारिज कर दिया गया है। जिससे विभागीय अधिकारियों के प्रति आक्रोश है।
ज्ञात रहे कि विगत वर्ष 2014 में विभाग ने डिपो की स्थापना का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया था। जिस पर तहसील परिसर में जन अधिकार संघर्ष मंच के तत्वावधान में युवा नेता अखिलेश कुमार ने क्षेत्र की जनता के साथ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उनका मानना था कि बिल्सी तहसील व्यापार की दृष्टि से रुहेलखंड मंडल में अपना अग्रणी स्थान रखती है। बावजूद इसके क्षेत्र की जनता को परिवहन निगम की ओर से बेहतर सुविधा नहीं मिल रही है। तभी धरना-प्रदर्शन खत्म कराने के लिए पहुंचे डीपीआरओ राजेश यादव ने अखिलेश कुमार रोडवेज डिपो की स्थापना का पूर्ण आश्वासन देकर धरना खत्म कराया। आनन-फानन में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम एवं लोक निर्माण विभाग की टीम ने डिपो के लिए भूमि तलाशने का काम शुरू कर दिया। पहले नगर के बाईपास मार्ग स्थित रंजना अस्पताल के सामने और फिर खैरी बस स्टैंड के निकट अगौल क्षेत्र में भूमि पर रोडवेज डिपो की स्थापना कराए जाने के बावत भूमि का प्रस्ताव तैयार उच्चाधिकारियों को भेजा। सोमवार को बदायूं डिपो के एआरएम द्वारा तहसील को अपर प्रबंध निदेशक परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि 21 अप्रैल को अगौल क्षेत्र के गाटा संख्या 995 में से 0.400 हेक्टेयर भूमि के आपसी समझौते के आधार पर क्रय किए जाने को परिवहन निगम मुख्यालय से गठित समिति द्वारा परीक्षणोपरांत प्रस्तावित भूमि की कीमत अधिक होने के कारण संस्तुति नहीं की। अब विभाग ने फिर से सर्किल रेट पर इसके लिए भूमि का प्रस्ताव मांगा है।
पांच बार घोषणा में शामिल रहा बदायूं डिपो
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव क्षेत्र में विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के दौरान जनता के समक्ष पांच बार घोषणा कर चुके है। मगर, हर बार विभागीय अधिकारी उनको गुमराह कर इस प्रकरण को रोक देते है। जिससे जनता में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र की जनता आसान नहीं लग रहा है कि बिल्सी में रोडवेज डिपो की स्थापना होगी।