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गांव छोड़ रहे 10 परिवारों को रोका

Tue, 19 May 2015 01:27 AM IST
Sahaswan
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गंगा की कटरी में बसे गांव रसूलपुर टप्पा मलसई में जाति विशेष के कुछ लोगों की दबंगई से त्रस्त परिवारों के गांव छोड़ने का सिलसिला रविवार को थम गया। एडीएम वित्त आरपी यादव और एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह ने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बाद दस परिवारों को गांव में रोका जा सका। गांव में चार सिपाही और एक दरोगा की तैनाती भी कर दी गई है। मामले में चार को नामजद करते हुए सात लोगों के खिलाफ घर में घुसकर कातिलाना हमला और डकैती की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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रसूलपुर टप्पा मलसई गांव में जाति विशेष के दबंगों का आतंक है। इससे दुखी 38 परिवार अब तक गांव से जा चुके हैं। शनिवार को गांव के दो दर्जन परिवारों ने गांव छोड़ दिया था। यह खबर अखबारों की सुर्खियां बनी तो रविवार को पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की नींद टूटी। अफसर गांव पहुंचे और पूरी स्थिति की जानकारी ली। एसपी देहात के आदेश पर दबंग रामऔतार यादव, रामभूप यादव, जीतपाल यादव, धीरेंद्र यादव को नामजद करते हुए सात लोगों के खिलाफ डकैती का मुकदमा भी सहसवान पुलिस ने दर्ज कर लिया।
दरअसल रसूलपुर टप्पा मलसई में जाति विशेष के दबंगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में सहसवान पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही थी। अफसरों ने भरोसा दिया तो रविवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली और बुग्गी, डनलप में सामान भर कर गांव से जा रहे ओमपाल, आराम सिंह, चरन सिंह, जीवाराम, रामऔतार, बृजपाल, कालीचरन, जगवीर और वीरपाल के परिवार गांव में ही रहने पर राजी हो गए।
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दरोगा पर बिफरे ग्रामीण, सीओ ने संभाला
सहसवान। हलका दरोगा प्रवीन कुमार अफसरों की मौजूदगी में जब गांव पहुंचा तो दर्जनों ग्रामीण उस पर बिफर गए। आरोप लगाया कि वह दबंगों का संरक्षण करता है। घरों में घुसकर लूटपाट करने वालों पर कार्रवाई न करके दरोगा प्रवीन कुमार पर पीड़ितों को ही हड़काने का आरोप लगाया। ग्रामीण जब दरोगा पर हमलावर हुए तो सीओ सहसवान उमेश यादव ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर उनको शांत किया।

इन परिवारों ने छोड़ दिया गांव
अजयपाल, राजू, किशोरी, ओमवीर, कर्रू, पन्नालाल, सत्यपाल, पूरन, शियाराम, चोखे, हरप्यारी, राजकुमारी, फूलवती, संतोषी, गंगादेई, राजवीर, निरंजन, चंद्रपाल, गीता, आनंदी, प्रकाश, राकेश, हेतराम, वीरसिंह, सूरजवती, जगदीश, महेश, श्रीराम, लालाराम, सुरेश, नन्हें, बनवारी, प्यारे, यादराम, राजवीर, जीवाराम, लक्ष्मन और नत्थू।

22 दिन बाद दर्ज हुआ डकैती का मामला
सहसवान। जाति विशेष के दबंगों ने 25 अप्रैल को रसूलपुर टप्पा मलसई में राकेश के घर पर धावा बोलकर लूटपाट की थी। राकेश और उसकी पत्नी ममता को विरोध करने पर बुरी तरह घायल कर दिया था। राकेश की हालत गंभीर है। बरेली के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने एनसीआर दर्ज की थी। इससे दबंगों के हौसले बुलंद थे। रविवार को 22 दिन बाद एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह के आदेश पर रामऔतार यादव, रामभूप यादव, जीतपाल यादव, धीरेंद्र यादव को नामजद करते हुए सात लोगों के खिलाफ डकैती का मुकदमा भी सहसवान पुलिस ने दर्ज कर लिया।

ग्रामीणों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। सहसवान कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई में देरी क्यों की इसकी जांच कराई जाएगी। जुल्म-ज्यादती करने वाले दबंगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-बालेंदुभूषण सिंह, एसपी देहात

दबंगों के भय से ग्रामीणों का गांव छोड़ना गंभीर मसला है। मैने मौका मुआयना कर गांव वालों से बात की है। पुलिस को जरूरी निर्देश दिए हैं। जुल्म करने वालों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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-आरपी यादव, एडीएम (वित्त)
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