बदायूं। जिला अस्पताल से हेपेटाइटिस बी और सी के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमसी) महीने में दो बार भेजे जाएंगे। पहले यह सुविधा केवल महीने में एक बार थी। नए सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय ने शुक्रवार को केजीएमसी के अधिकारियों से संपर्क कर यह नई व्यवस्था लागू की है। इससे मरीजों को रिपोर्ट जल्दी मिलने की संभावना बढ़ गई है और समय पर उनका इलाज शुरू हो सकेगा। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पूरी तरह मरीजों की सहूलियत और जल्दी इलाज शुरू करने को ध्यान में रखकर लिया गया है। सोमवार से पहला बैच लखनऊ के लिए रवाना होगा।
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फरवरी से बंद मेडिकल कॉलेज में जांच
- राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2024 में हेपेटाइटिस की जांच होना शुरू हुई थी, लेकिन फरवरी 2025 से बंद हो गई। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के सैंपल लिए जाते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन की जिला अस्पताल प्रशासन से वार्ता हुई थी। इसमें मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दोबारा जांच शुरू करने की बात कही। दो दिन बाद माइक्रो बायो लॉजिस्ट ने मशीन की बैटरी खराब होने के कारण सैंपल नहीं लिए जा सके। इसके बाद में सीएमएस ने केेजीएमसी बात की।
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वर्जन-
किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में बात हुई है। अभी तक जिला अस्पताल से माह में एक बार सैंपल जाते थे। ऐसे में रिपोर्ट आने में काफी समय लगता था। अब माह मेें दो बार सैंपल भेजे जाएंगे। ऐसे में जल्द ही रिपोर्ट मिल सकेंगी। - डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस, जिला अस्पताल