बदायूं। विशेषज्ञ आगाह कर चुके हैं कि कोरोना की तीसरी लहर फरवरी में चरम पर होगी। ओमिक्रॉन वैरिएंट के फैलने की रफ्तार तीन गुना ज्यादा होगी। ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण के लिए रविवार को अवकाश के दिन भी टीकाकरण किया जा रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अच्छी प्रगति भी हो रही है, लेकिन दूसरी डोज के मामले में बदायूं पिछड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 50 फीसदी से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिनको वैक्सीन की दूसरी डोज लगनी है। इनमें 3.50 लाख से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिनको दूसरी डोज के लिए दिया गया समय भी पूरा हो चुका है।
जिले में अब तक कुल 29.92 लाख 340 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। इनमें 2057115 लोगों को पहला टीका और 935225 लोगों को दूसरा टीका लगाया गया है। टीकाकरण की स्थिति पर गौर करें तो लक्ष्य के सापेक्ष जिले में करीब 90 फीसदी लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें दूसरे टीके की बात करें तो इसकी प्रगति अभी 40.77 फीसदी के आस-पास ही है। इनमें 3.50 लाख लोग ऐसे हैं जिनको दूसरे टीके के लिए दिया गया 12 सप्ताह का समय पूरा हो चुका है, लेकिन यह समय पूरा होने के बाद भी टीकाकरण केंद्रो पर नहीं पहुंच रहे हैं। लोगों की सुविधा के लिए अब रविवार को अवकाश में भी टीकाकरण किया जा रहा है। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्र पर रात में भी टीका लगाया जा रहा है।
ओमिक्रॉन के प्रकोप और फरवरी में तीसरी लहर चरम पर होने के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जिले में सबसे कम टीकाकरण वाले ब्लॉकों की सूची तैयार कर रहा है। दो दिन पहले हुई समीक्षा बैठक में डीएम दीपा रंजन ने ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त टीकाकरण कैंप लगाने का आदेश दिया था जहां औसत से कम टीकाकरण हो सका है।
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कॉल करके बुलाए जा रहे दूसरी डोज वाले लोग
कोविड कंट्रोल रूम की ओर से ऐसे लोगों को लगातार कॉल की जा रही हैं जो समय पूरा होने के बाद भी दूसरा टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं। कोविड कंट्रोल रूम की मॉनीटरिंग खुद डीएम के स्तर से की जा रही है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर भी चिंतित है कि ऐसे लोगों की संख्या काफी है जो समय से दूसरी डोज नहीं ले रहे हैं। समय से दूसरी डोज न लेने पर वैक्सीन का प्रभाव कम होने का खतरा बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब तक वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना पॉजिटिव के जो भी मामले सामने आए हैं उनमें रिकवरी काफी तेजी से हुई है। ऐसे में लोगों को जरूरी है कि समय से दूसरा टीका लगवाएं।
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ओमिक्रॉन के लक्षण
नोडल अधिकारी टीकाकरण डॉ. मोहम्मद असलम का कहना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के प्रारंभिक लक्षण जो अब तक सामने आए हैं उनमें सिर दर्द के साथ थकान और इसके बाद जुकाम हो जाता है। जुकाम के बाद संक्रमित तेज बुखार की चपेट में आ जाता है। अगर किसी को इस तरह के लक्षण होते हैं तो तत्काल जांच करानी चाहिए।
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जिले में टीकाकरण की रफ्तार संतोषजनक है, लेकिन पहली डोज के मुकाबले दूसरी डोज लेने वालों की संख्या 50 फीसदी तक कम है। करीब 3.50 लाख ऐसे लोग हैं जिनका दूसरी डोज का समय पूरा हो चुका है। ओमिक्रॉन वैरिएंट तीन गुना तेजी से फैलेगा विशेषज्ञों का मानना है। फरवरी में यह चरम पर होने की बात कही जा रही है। हमारा फोकस ज्यादा से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन कराना है। दूसरी डोज के लिए लोगों को कॉल भी की जा रही है।
- डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण