मूसाझाग। स्वास्थ्य विभाग भले ही डेंगू और संक्रामक बुखार खत्म होने का दावा कर रहा हो, लेकिन जिले में बुखार से मौत होने का सिलसिला अब भी जारी है। शहर से सटे लखनपुर गांव के धीरेंद्र की बुखार से मौत हो गई। उन्हें पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। लखनपुर में अन्य लोग बुखार से पीड़ित हैं।
ग्राम लखनपुर निवासी 40 वर्षीय धीरेंद्र को पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराने पर उन्हें फायदा नहीं हुआ तो परिवार वाले बरेली के एक निी अस्पताल ले गए। वहां भी धीरेंद्र की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उनको दिल्ली रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार से वह दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। इलाज के दौरान शनिवार सुबह धीरेंद्र ने दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान सतेंद्र का कहना है कि गांव में अब भी काफी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव से मुंह मोड़ लिया है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया कि उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।
छात्र की डेंगू से मौत
सहसवान। नीट की तैयारी कर रहे छात्र तुषार गांधी की डेंगू से मौत हो गई। छात्र को राजस्थान के कोटा में डेंगू ने चपेट में लिया था। वहां बीमार होने पर उसे परिवार वाले घर ले आए थे। इलाज के लिए दिल्ली ले जाते वक्त तुषार ने दम तोड़ दिया।
सहसवान के मोहल्ला कटरा निवासी व्यापारी रोहित गांधी उर्फ बिट्टू का 20 वर्षीय बेटा तुषार गांधी राजस्थान के कोटा में रह कर नीट की तैयारी कर रहा था। तुषार को कोटा में बुखार आया तो उसने जांच कराई। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इस बारे में परिवारवालों को बताया तो परिवार वाले कोटा पहुंचे और तुषार को सहसवान ले आए। यहां निजी अस्पताल में तुषार का इलाज चल रहा था। फायदा न होने पर परिवार वाले तुषार को शनिवार रात इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहे थे, उसकी रास्ते में ही मौत हो गई।