बदायूं। अब तक मलेरिया और फैल्सीपेरम का प्रकोप झेल रहे बदायूं को अब जानलेवा डेंगू गिरफ्त में लेने लगा है। अब समरेर ब्लॉक के गांव तुगलापुर में 25 वर्षीय युवक को डेंगू की पुष्टि हुई है। उसे इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। तुगलापुर में पहले से मलेरिया, फैल्सीपेरम का प्रकोप है। तुगलापुर में 11 सितंबर को दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। बुखार पीड़ित यह लोग निजी डॉक्टरों से इलाज करा रहे थे।
मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से बदायूं हाईरिस्क श्रेणी में है। 2019 में जिले में बुखार, मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों से 350 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद से बदायूं की शासन स्तर से मॉनीटरिंग हो रही थी। 2020 में हालात कुछ काबू में आए। इस वर्ष मच्छरजनित बीमारियों को लेकर स्थिति काफी हद तक सामान्य है। 2019 में जहां जिले में मच्छरजनित बीमारियों के 20 हजार से ज्यादा रोगी मिले थे वहीं इस वर्ष अब तक 1030 रोगी ही मिले हैं। इस बीच डेंगू ने जिले में दस्तक दे दी है।
बुधवार को दहगवां ब्लॉक के गांव बाजपुर में डेंगू का एक रोगी मिला था। अब समरेर के तुगलापुर में एक रोगी मिला है। तुगलापुर निवासी 25 वर्षीय युवक नोएडा में नौकरी करता था। हाल ही में वह घर लौटा था। दो दिन पहले बुखार आने पर उसने बरेली की एक निजी लैब में एलाइजा जांच कराई थी। यहां उसको डेंगू की पुष्टि हुई है। मलेरिया विभाग ने भी रिपोर्ट के आधार पर युवक को डेंगू पीड़ित होना स्वीकार किया है। उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
मलेरिया के 24 रोगी मिले, दो को फैल्सीपेरम की पुष्टि
मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को जिले में अलग-अलग स्थानों पर 15 कैंप लगाकर बुखार पीड़ितों की जांच की गई। इस दौरान मलेरिया के 24 नए रोगी मिले हैं। इनमें दो को फैल्सीपेरम की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में मलेरिया के 198, फैल्सीपेरम के सात और डेंगू के सक्रिय रोगियों की संख्या दो हो गई है। बृहस्पतिवार को मलेरिया विभाग ने 31 गांवों में मच्छरनाशक दवाओं का छिड़कवा कराया। दातागंज के धरेली गांव में मलेरिया के रोगी मिलने के बाद मलेरिया निरीक्षक अमित तिवारी के निर्देशन में मच्छरदानियों का वितरण करने के साथ गांव में लार्वा नष्ट किया गया और दवाओं का छिड़काव कराया गया।
तुगलापुर में 11 सितंबर को हुई थी दो लोगों की मौत
समरेर ब्लॉक मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से हाईरिस्क है। समरेर के गांव तिगुलापुर में 11 सितंबर को दो लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, यह दोनों निजी डॉक्टरों के यहां इलाज करा रहे थे। गांव के 32 वर्षीय छोटेलाल को बुखार आ रहा था। उन्होंने निजी लैब में जांच कराने के बाद निजी डॉक्टर से इलाज कराया। 11 सितंबर को हालत बिगड़ने पर परिवार वाले उनको जिला अस्पताल ला रहे थे लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। इसी गांव के 55 वर्षीय धनपाल लीवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। उनको भी बुखार आया था। धनपाल ने भी 11 सितंबर को दम तोड़ दिया था।
बाजपुर में जुटीं टीमें, गांव के 20 घरों में मिला मच्छरों का लार्वा
दहगवां। ब्लॉक के गांव बाजपुर में डेंगू का रोगी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में जुटीं मलेरिया विभाग के चार निरीक्षकों की निगरानी में पूरे गांव में अभियान चलाकर मच्छरों का लार्वा नष्ट किया। इस दौरान गांव के 20 घरों में लार्वा मिला। गांव के तालाबों में गंबूजियां मछलियां छुड़वाने के साथ ही डीडीटी के घोल का छिड़काव किया गया। गांव में हेल्थ कैंप लगाकर लोगों की जांच की गई और दवाओं का वितरण किया गया। गनीमत रही कि गांव में डेंगू प्रभावित दूसरा कोई रोगी नहीं मिला। संवाद
डेंगू के लक्षण
जानकारों के मुताबिक डेंगू में तेज सिर दर्द और बुखार होता है। मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों में दर्द होना जी मिचलाने के साथ उल्टियां हो सकती हैं। गंभीर होने पर नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आने के साथ त्वचा पर लाल चकत्ते उभर आते हैं। दो से पांच दिनों में मरीज की स्थिति हो जाती है। सही समय पर इलाज न मिलने पर मौत हो सकती है।
इस तरह फैलता है डेंगू
विशेषज्ञ बताते हैं कि डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छरों के शरीर पर धारियां होती हैं। मादा एडीज इजिप्टी मच्छर दिन में, खासकर सुबह के वक्त डंक मारता है। डेंगू फैलाने वाले मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के पनपने के लिए सितंबर से अक्तूबर तक का समय मुफीद होता है। इन्हीं दिनों डेंगू का प्रकोप रहता है।
ऐसे करें डेंगू से बचाव
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सुरेश चंद्र नौगरैया बताते हैं कि मादा एडीज इजिप्टी मच्छर का लार्वा ज्यादातर घर के गमलों, कुलर, फ्रिज की ट्रे आदि में भरे साफ पानी में पनपता है। इससे बचाव के लिए घर और घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का प्रयोग करने के साथ खिड़की और दरवाजों पर जाली लगवाएं। पूरी आस्तीन के कपड़े पहने और सावधानी बरतें।
जिले में स्थिति सामान्य है। जांच में पाया गया है कि जो डेंगू के दो रोगी सामने आए हैं वह दिल्ली और नोएडा से आए हैं। बाजपुर में जो रोगी मिला है उसके बारे में पता लगा है कि वह दिल्ली से आया है और तुगलापुर में जो रोगी मिला है वह नोएडा से आया है। अब तक जिले में मच्छरजनित बीमारियों से बुखार से कोई मौत नहीं हुई है।
- डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
मलेरिया प्रभावित सभी गांवों में लगातार दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। तुगलापुर में डेंगू का जो रोगी मिला है वह 20 सितंबर को नोएडा से लौटा था। पिछले वर्ष के मुकाबले मलेरिया काफी हद तक काबू में है। बाजपुर गांव में टीमें लगाकर दवाओं का छिड़काव कराया गया है।
- योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी
दहगवां के बाजपुर में डीडीटी का छिड़काव करती टीम। संवाद- फोटो : BADAUN