कुंवरगांव। मौसम बदलने के साथ पशुओं में खुरपका और मुंहपका रोक फैलने लगा है। हसनपुर गांव के पशुओं में खुरपका और मुुंहपका का जबरदस्त प्रकोप है। इससे कई पशुओं की मौत हो चुकी है, और काफी संख्या में पशु बीमार हैं। पशु चिकित्सालय बंद रहने से लोग परेशान हैं।
बारिश का सीजन शुरू होने से पहले हर बार पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाता है। इस बार टीकाकरण काफी देर से शुरू हुआ था। तमाम गांवों में टीकाकरण नहीं हो सका। इसके अलावा जो वैक्सीन आई थी वो अद्योमानक पाई गई। जिले में करीब 10 लाख पशुओं को अद्योमानक वैक्सीन लगा दी गई थी। बाद में प्रयोगशाला से रिपोर्ट आई, जिसके बाद टीकाकरण रोक दिया गया। अब संक्रामक बीमारियों के सीजन में खुरपका और मुंहपका से पशुओं की मौत हो रही है।
सालारपुर ब्लॉक के करीब 15 गांवों में पशु संक्रामक बीमारियों की चपेट में हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति हसनपुर में है। गांव के नीरज शर्मा, धनपाल, निशारुद्दीन, बबलू, चिरौंजी, चंद्रपाल मौर्य, गंगा सहाय, अशेेक सिंह, रामपाल मौर्य, धनपाल, डब्लू, सलमानी, सुमित सिंह, अफसर अली आदि के पशु बीमार हैं। इनका कहना है कि पशु अस्पताल न खुलने से ज्यादा परेशानी होती है।
पशुओं में संक्रमक बीमारियां फैली हुई हैं। खुरपका और मुंहपका से पशुओं की मौत हो रही है। पशु अस्पताल बंद रहता है। निजी डॉक्टर से इलाज कराना हो रहा है। - नीरज शर्मा, पशुपालक
गांव में काफी पशुओं की मौत हो चुकी है। खुरपका और मुंहपका से लगातार पशुओं की जान जा रही है। पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए इस बार टीकाकरण नहीं हुआ। - धनपाल, पशुपालक
पशु पालन भी अब आसान नहीं रहा। संक्रामक बीमारियों के कारण पशुओं की मौत हो जाती है। टीकाकरण न होने के कारण इस बार स्थिति ज्यादा खराब होती जा रही है। - निसारुद्दीन, पशुपालक
हसनपुर ही नहीं आस-पास के गांवों में भी पशुओं में संक्रमक बीमारियों का प्रकोप है। सूचना दिए जाने के बाद भी पशु चिकित्सा विभाग ने अब तक कोई सुध नहीं ली है। - बबलू, पशुपालक
किसी गांव में इस तरह से खुरपका और मुंहपका के प्रकोप की सूचना नहीं है। हसनपुर से सूचना मिली है। सोमवार को ही गांव में टीम भेजकर पशुओं का इलाज कराया जाएगा। - डॉ. एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी