बदायूं। शहर में सफाईकर्मी बकाया देय भत्तों को लेकर हड़ताल पर हैं। शहर के गली-मोहल्लों में गंदगी से बुरा हाल है। चेयरमैन और सफाईकर्मी यूनियन के नेता इस मामले में एकदूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। चेयरमैन ने शनिवार को फिर पालिका कर्मचारियों के साथ सफाई अभियान चलाया। इधर, शहर के मोहल्ला पनबाड़ी समेत अन्य कई मोहल्लों का बुरा हाल है। लोगों का कहना है कि हड़ताल खत्म न हुई तो उन्हें कचरे के बीच ही दिवाली मनानी पड़ेगी।
शहर नगर पालिका में तैनात सफाई कर्मचारियों द्वारा अपने बकाया देयों को लेकर हड़ताल की जा रही है। हड़ताल के कारण शहर के मोहल्लों का बुरा बेहाल हो गया है। हर तरफ सड़कों पर गंदगी बिखरी देखी जा सकती है। यहां तक कि कई मोहल्लों में नालियां चोक होने की वजह से गंदा पानी सड़क पर आ गया है। यहीं हाल शहर के मोहल्ला पनबाड़ी का है। यहां आने वाले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल होने की वजह से गंदगी का साम्राज्य है। हालत ये हैं अब राहगीरों को भी गंदगी की वजह से परेशानी होने लगी है। लोगों ने घूमकर निकलना शुरू कर दिया है। वहीं स्थानीय लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। लोगों का कहना है पहले में नियमित सफाई नहीं होती थी, अब ओर ज्यादा दिक्कत हो गई है। अगर जल्द ही हड़ताल खत्म नहीं हुई तो मोहल्ला कूड़े के ढेर में तब्दील हो जाएगा।
------------
क्या बोले लोग
सफाई कर्मचारियों की मांग को पालिका प्रशासन को मान लेना चाहिए, ताकि समय से शहर में सफाई हो सके। सफाई नहीं होने की वजह से काफी दिक्कत आ रही है।
-काली चरन
-----------
शहर में पहले ही सड़कों पर गंदगी पसरी रहती थी। अब और भी हालात बदतर हो गए हैं। सफाई कर्मचारियों और पालिका दोनों को आपस में समन्वय बनाकर रखना चाहिए था।
-बबलू
------------
दिवाली सिर पर है, ऐसे में घरों में सफाई की जा रही है। ऐसे में सफाई व्यवस्था पर बेहतर ध्यान देने की जरूरत थी, लेकिन अब हड़ताल होने से शहर के हालात और बिगड़ जाएंगे।
-शीमल जॉन
---------------
एक तो पहले ही नालियां साफ नहीं होती थी, अब और भी ज्यादा खराब हालात है। मोहल्ला पनबड़िया में मंदिर और चर्च दोनों है। यहां पर प्रतिदिन सफाई होनी चाहिए थी।
-श्रीओम
----------------
पालिका प्रशासन गुमराह कर रहा, कोई वार्ता को नहीं आया
पालिका प्रशासन को पूर्व में जानकारी दी थी, हम लोग अपनी मांगों को लेकर वार्ता करना चाहते हैं। 25 व 26 अक्तूबर को नगर पालिका में पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी पालिकाध्यक्ष या ईओ वार्ता के लिए नहीं आए। इसके बाद में हम लोग 27 अक्तूबर से पालिका परिसर में हड़ताल पर बैठ गए। हमारा अक्तूबर माह का वेतन नहीं मिला है। साथ ही अन्य देय भत्ते भी हम लोगों को आज तक नहीं मिले हैं और न कोई आश्वासन मिला है। आंदोलन जारी रहेगा।
- लव कुमार, नगर महासचिव, उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ बदायूं