बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 595 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए शत-प्रतिशत भूमि अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है। दरअसल, प्रशासन के पास उच्च स्तर से सूचना आई है कि 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी बदायूं आकर गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर सकते हैं। भूमि विवाद के सबसे ज्यादा मामले बिसौली तहसील में लंबित हैं।
गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की बिसौली, बिसौली, सदर और दातागंज तहसील के 84 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए जिले में 11 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि अधिग्रहीत की जानी है। एक्सप्रेस-वे के लिए बिसौली तहसील के सबसे ज्यादा 28 गांवों में भूमि अधिग्रहण हुआ है। बिसौली तहसील विवादों के चलते या अन्य कारणों से भूमि अधिग्रहण के ज्यादा मामले लंबित हैं। 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री का एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास का संभावित कार्यक्रम है। उसके लिए बिसौली तहसील में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर गांव वनकोटा के पास स्थान चयनित किया गया है। वनकोटा समेत आस-पास के गांवों में ही सबसे ज्यादा भूमि का अधिग्रहण किया गया है। डीएम दीपा रंजन की ओर से सभी एसडीएम को जल्द से जल्द शत प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का आदेश दिया गया है। 25 नवंबर तक भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी।