नरौरा बैराज से शनिवार को गंगा में 49000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने से उससे सटे कुछ गांवों में भू-कटान का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ जैसी अभी कोई स्थिति नहीं है।
जिले में गंगा और रामगंगा में बाढ़ से करीब 250 से अधिक गांव प्रभावित होते हैं। गंगा से सहसवान, सदर और दातागंज तहसील के गांवों में बाढ़ की आशंका रहती है। रामगंगा भी दातागंज तहसील क्षेत्र के गांवों को प्रभावित करती है। इस समय नदी उसैहत में जमींदाराना, सहसवान में नगला अजमेरी बांध पर कटान कर रही हैं। बाढ़ खंड के अधिकारी का कहना है कि अभी बाढ़ आने की संभावना नहीं है। गंगा का जल स्तर कछला में 162.95 गेज पर है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार वर्मा का कहना है कि कटान रोकने के लिए पहले मरम्मत करी दी गई है। अभी कोई खतरे की स्थिति नहीं है।
उसैहत और सहसवान के कुछ गांवों तक पहुंचा पानी
सहसवान और दातागंज तहसील के कुछ गांवों तक पानी पहुंच चुका है, लेकिन इसकी बाढ़ खंड विभाग कोई जानकारी नहीं है। पिछले सोमवार को नरौरा बैराज से 30657 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था तो उसैहत के पथरामई गांव तक पानी पहुंचा था। इससे जाहिर है कि 49000 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद गांव प्रभावित हो सकते हैं। उसैहत क्षेत्र के गांव भकरोली, कोका नगला, धोबी नगला, नगला बछेली, पंखिया नगला समेत गंगा किनारे के कई गांवों की जमीन प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।