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कैसे करें पढ़ाई एक भी किताब नही मिली, पुरानी से चला रहे काम

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बदायूं।
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शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अभी तक सरकार की ओर से नि:शुल्क दी जाने वाली पाठ्यपुस्तकें पूरी नहीं मिल सकी हैं। इसके अलावा कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित चल रहा है। जिले में प्राथमिक के 1802 और जूनियर के 656 यानी कुल 2458 विद्यालय हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए 7384 शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं जिले में 3530 शिक्षकों की कमी है।
स्कूलों में बच्चों के ठहराव के लिए एमडीएम के अलावा हर साल यू्निफार्म के दो सैट दिए जाते हैं। पिछली सरकार ने मिड-डे मील में दूध और फल वितरण की भी योजना शुरू की थी। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें भी दी जातीं हैं। अब उन्हें बैग, जूते-मौजे आदि भी दिए जाने की मौजूदा प्रदेश सरकार ने घोषणा की है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि इतनी योजनाएं चलाने के बाद भी बेसिक शिक्षा में वह सुधार नहीं हो पा रहा है, जो होना चाहिए। अब बात करते हैं शैक्षिक सत्र 2017-18 की। उसे चालू हुए चौथा महीना चल रहा है। बता दें कि बीते दो साल से शैक्षिक सत्र अप्रैल से शुरू होता है। सत्र को शुरू हुए चार महीने होने को हैं, लेकिन अब तक नामांकित तीन लाख 17 हजार 141 बच्चों को पूरी तरह नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकीं हैं। कुछ पुस्तकें हीं दीं गईं हैं। शासन के निर्देश थे कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में हर बच्चे को यूनिफार्म उपलब्ध करा दी जाए लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले के बहुत से स्कूल ऐसे हैं जिनके खाते में इस मद में धनराशि ही नहीं पहुंची है। चंद स्कूल होंगे जिनके बच्चों को यूनिफार्म मिल सकी है।
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-------------------------आंकड़ों की जुबानी-
प्राथमिक स्कूल की संख्या 1802
उच्च प्राथमिक स्कूल की संख्या 656
कुल 2458
कार्यरत शिक्षकों की संख्या
प्राथमिक स्कूल 5543
उच्च प्राथमिक स्कूल 1772
कितनी है शिक्षकों की कमी
प्राथमिक स्कूल 2491
उच्च प्राथमिक स्कूल 695
------------------------------------------ छात्र नामांकन की स्थिति जून 2017 तक
प्राथमिक स्कूलों में 248936
उच्च प्राथमिक स्कूलों में 68205
कुल 317141
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कक्षा सात की एक भी नहीं आई हैं पुस्तक
बदायूं। सुधार के लिए भले ही कितने प्रयास किए जा रहे हों लेकिन पटरी से उतरी चल रही बेसिक शिक्षा लाइन पर नहीं आ पा रही है। बता दें कि जिले में अब तक बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकीं हैं। विभागीय सूत्र बता रहे हैं कि कक्षा सात की तो एक भी पाठ्यपुस्तक नहीं आई है। जिले में प्राइमरी और जूनियर कक्षाओं के सभी विषयों की 1796975 पाठ्य पुस्तकें आनीं थीं लेकिन अब तक 807570 पुस्तकें ही आ सकीं हैं। --------------
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कक्षा वार जिले में कितनी आई पुस्तकें-
कक्षा जरूरत प्राप्त हुई
1 47336 19500
2 110740 5700
3 252420 180952
4 291268 243462
5 276426 88871
6 291175 35636
7 283453 00000
8 254163 179955
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कोट---
जिस कक्षाओं की किताबे नही आई हैं, उनको पुरानी किताबों से अध्ययन कराया जा रहा है। यूनिफार्म भी बांटी जा रही है। कांवड़ियों की वजह से कुछ दिक्कतें आ रही हैं। शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। इसके अलावा शासन का निर्देश पर कार्य कराया जा रहा है।
-पीसी यादव, बीएसए
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