सरकारी एंबुलेंस चालक ने ले जाने से किया इनकार
अरविंद पाल ने बताया कि जब डॉक्टर ने ऑक्सीजन की कमी बताई तभी वह एंबुलेंस की तलाश में जिला अस्पताल आया, लेकिन वहां एक भी एंबुलेंस नहीं मिली। सरकारी एंबुलेंस चालक से कहा तो उसने भी साफ कह दिया कि जिला अस्पताल से रेफर होने पर ही हम मेडिकल कॉलेज ले जाते हैं।
प्राइवेट अस्पताल से वह मरीज को नहीं उठा सकते । इसके बाद शहर में कई जगह एंबुलेंस तलाश करते रहे। बाद में जब एंबुलेंस नहीं मिली तो एक निजी कार किराये पर की और उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, तब तक बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग बच्चे के शव को लेकर घर चले गए।