बदायूं। लोकसभा चुनाव हों या विधानसभा, नगरीय निकाय या फिर पंचायत चुनाव। हर बार चुनाव आयोग की ओर से शत प्रतिशत मतदान के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। इसके बाद भी शत प्रतिशत मतदान न होना निराशाजनक है। धर्मगुरुओं का कहना है कि लोगों को मतदान को अधिकार के साथ कर्तव्य भी समझना चाहिए। स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र के लिए शत प्रतिशत मतदान जरूरी है।
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शत प्रतिशत मतदान हो यह सिर्फ चुनाव आयोग की जिम्मेदारी नहीं मतदाताओं की भी जिम्मेदारी और कर्तव्य है। हर वर्ग को चाहिए कि सशक्त लोकतंत्र के लिए वह शत प्रतिशत मतदान करें।
-रविकांत उपाध्याय, महंत बालाजी धाम
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सभी का पहला कर्तव्य है कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मतदान जरूर करें। चुनाव में शत प्रतिशत मतदान होगा तभी अच्छे जनप्रतिनिधि चुने जा सकेंगे और लोकतंत्र मजबूत होगा।
-ईपी सिंह, पादरी सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च
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पहले मतदान फिर कोई दूसरा काम, लोकतंत्र की यही खासियत है कि जनता को सरकार चुनने का अधिकार है। चुनाव में इस अधिकार में हमे मतदान का मौका मिलता है। यह मौका कोई न गंवाए।
-ज्ञानी अजीत सिंह, जोगीपुरा गुरुद्वारा
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मतदान कोई सामान्य अधिकार नहीं है। हम इस अधिकार का इस्तेमाल कर सरकार चुनते हैं। पहले तो हम शत प्रतिशत मतदान नहीं करते और बाद में गलत योजनाओं पर सरकार को कोसते हैं।
-काजी रऊफ हुसैन सिद्दीकी