बदायूं। साठगांठ करके सरकारी योजनाओं धन का किस तरह बंदरबांट किया जाता है, इसका प्राथमिक स्कूलों में लागू कायाकल्प योजना से खुद व खुद भंडाफोड़ हो गया। इस योजना के तहत शासन ने जिले के 234 स्कूलों में सबमर्सिबल लगाने के लिए बजट जारी किया था। साठगांठ के चलते प्रधानों और सचिवों ने सबमर्सिबल के लिए आई रकम हड़प कर ली। स्कूलों में सबमर्सिबल लगाने के बजाय पानी के लिए स्कूलों में लगे सरकारी नलों में बिजली की मोटर लगवा दी गई।
पिछले दिनों संभल में स्कूल परिसर में लगे नल से बच्चों को करंट लगने की घटनाएं सामने आई थीं। बावजूद इसके स्कूलों में लगे सरकारी नलों में लगी मोटर की तरफ अफसरों ने गौर नहीं किया। साल भर पहले देहात के प्राथमिक स्कूलों में कायाकल्प योजना के तहत प्रधानों को पंचायती राज विभाग ने बोरिंग कराकर मोटर लगवाने के लिए 40- 50 हजार रुपये प्रति विद्यालय का बजट दिया था। तमाम प्रधानों ने साठगांठ करके यह रकम बचा ली है। यानी स्कूलों में पहले से लगे सरकारी नल (इंडिया मार्का हैंडपंप) में मोटर लगवाकर सबमर्सिबल की रकम निकाल ली। तमाम स्कूलों में बच्चे सरकारी नल में लगी मोटर से आने वाला पानी पी रहे हैं। इससे बच्चों को करंट लगने का खतरा लगातार बना हुआ है। दातागंज और कादरचौक ब्लॉकों में ऐसे मामले बहुतायत में हैं। पड़ोसी जिला संभल में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय स्तर पर स्थिति साफ होने और शिकायतों के बाद भी अधिकारी कुछ नहीं कर रहे है।
नल में कभी आ सकता है करंट
स्कूल में सबमर्सिबल का कनेक्शन हैंडपंप में कर दिया है। हैंडपंप में ऐसे में करंट भी आ सकता है। इससे छात्र-छात्राओं को खतरा बना है। - रामनरेश कश्यप, प्रधान मजरा गंगबरार
शिक्षकों और अधिकारियों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए। हैंडपंप में मोटर फिट करने से सबमर्सिबल जैसी सहूलियत नहीं मिल सकती, आने वाले समय में दिक्कतें जरूर हो सकती हैं।
- रामप्रकाश, प्रधान बरौरा
प्राथमिक स्कूल में छोटे बच्चे पढ़ते हैं। उनका हर समय नल पर जाना रहता है। ऐसे में अगर हैंडपंप में करंट आ गया तो उससे बड़ी दिक्कत हो सकती है। इसकी अधिकारी निपष्क्ष जांच कराएं।
- नीलेश कश्यप, कादरचौक
सबमर्सिबल के नाम पर योजना में खेल किया गया है। धनराशि सबसमर्सिल के लिए आई थी, और प्रधानों व सरकारी मशीनरी की मदद से हैंडपंप में मोटर लगवाकर गोलमाल कर लिया। भ्रष्टचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
- नामे अली, कादरचौक
उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन की ओर से स्कूलों में सबमर्सिबल का काम किया गया। इसकी जानकारी मिली थी कि हैंडपंप में ही मोटर फिट कर दी गई है। इसके बारे में जानकारी लेकर उच्चधिकारियों को अवगत कराया है। जिले में 234 स्कूलों में इस तरह करने की बात सामने आई है।
- डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
हमारे विभाग के स्तर से ग्राम पंचायतों में उन बिंदुओं पर काम कराया गया है जो स्कूल की निधि से नहीं कराए गए थे। स्कूलों में पेयजल सुविधा को इस तरह मोटर फिट करने का काम कराने की जानकारी नहीं है। अगर हमारे विभाग के स्तर पर खामी है तो हम जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। - श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ