बदायूं। जिले के 73 परिषदीय स्कूलों को बरसों बाद करोड़ों की जमीन वापस मिल गई है। अब तक बेशकीमती जमीन जिला पंचायत के अधीन थी और वह औने-पौने दामों पर जमीन की नीलामी कर कमाई कर रहा था। लंबी विधिक प्रक्रिया के बाद अब जमीन स्कूलों को हस्तांतरित हो गई है। अब फसलों की नीलामी शिक्षा समिति करेगी। साथ ही उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद आय का स्कूलों के सुंदरीकरण व अन्य कामों में खर्च किया जा सकेगा।
प्रदेश में जब गांव-गांव में सरकारी स्कूल खोले गए तब रखरखाव की जिम्मेदारी जिला परिषद (जिला पंचायत ) के अधीन थी। इसलिए स्कूलों के नाम की जमीन का स्वामित्व भी जिला परिषद के पास था। सन 1971 में बेसिक शिक्षा विभाग का गठन हुआ। स्कूलों की बिल्डिंग और जमीन बेसिक शिक्षा विभाग को देने के निर्देश दिए गए। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूलों के भवन तो तुरंत अपने अधीन ले लिए पर खेती योग्य जमीन को जिला पंचायत ने वापस नहीं किया। काफी पत्राचार के बाद 30 जून 2019 को 11 स्कूलों की अपनी जमीन बमुश्किल जिला पंचायत ने वापस की। बाकी जमीन अगले साल देने की बात कही गई। बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबे पत्राचार के बाद अब जिला पंचायत से 73 स्कूलों की जमीन को वापस ले लिया है। अब स्कूूल प्रबंधन की ओर से इस खेती योग्य जमीन की नीलामी की जाएगी। शिक्षा विभाग के अनुसार इस जमीन की नीलामी के बाद में जो भी धनराशि मिलेगी उसे स्कूलों के कायाकल्प के लिए खर्च किया जा सकेगा। इससे इन स्कूलों का समुचित विकास हो सकेगा।
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अब तक जिला पंचायत कर रही थी लाखों की नीलामी
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के नाम पर आंवटित खेती योग्य जमीन की नीलामी जिला पंचायत की ओर से की जा रही थी। उसकी धनराशि का हिस्सा भी विभाग या स्कूलों को नहीं मिलता था। हर साल लाखों रुपये की आय हो रही थी। ऐसे में जिला पंचायत की मंशा इस जमीन को छोड़ने की नहीं थी। लंबे पत्राचार व कानूनी बंदिशों की वजह से अब यह जमीन वापस करनी पड़ी है।
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समिति करेंगी नीलामी
जिस स्कूल की भूमि खेती योग्य है। उस स्कूल के प्रधानाध्यापक और तहसील स्तर के अधिकारी टीम में शामिल रहेंगे। उनकी देखरेख में स्कूल की इस जमीन की नीलामी कराई जाएगी। नीलामी के दौरान जो भी धनराशि मिलेगी उसे विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के खाते में जमा किया जाएगा। इस धनराशि का पूरा हिसाब प्रधानाध्यापक को रखना होगा।
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लक्ष्मीपुर में नीलामी प्रक्रिया शुरू
दबतोरी। तहसील बिसौली के गांव लक्ष्मीपुर में उच्च प्राथमिक स्कूल है। इस स्कूल की कृषि योग्य जमीन है। स्कूल के नाम जमीन आने पर स्कूल प्रबंध समिति की ओर से इसकी नीलामी प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। नीलामी में जो भी धनराशि मिलेगी, उसे एसएमसी के खाते में जमा कर दिया जाएगा। बाद में स्कूल की जरूरतों के हिसाब से उस धनराशि का उपयोग किया जाएगा।
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जिला पंचायत की ओर से स्कूलों की जमीन को वापस किया गया है। इस जमीन की नीलामी कराई जा रही है। इस नीलामी के बाद में जो भी धनराशि प्राप्त होगी वह स्कूलों के विकास में लगाई जाएगी।
- डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी