बदायूं। एक ओर जहां सभी बोर्ड ने बिना परीक्षा के अपने विद्यार्थियों को पास कर दिया है वहीं समरेर के राजकीय आश्रम पद्धिति कन्या इंटर कॉलेज में उल्टी गंगा बही। यहां सीबीएसई बोर्ड से 54 छात्राएं 10 वीं में पंजीकृत थीं। इनमें से सिर्फ 26 को पास किया गया बाकी 31 फेल हो गईं। अब स्कूल प्रबंधन कुछ सुनने को तैयार नहीं है और कंपार्टमेंट परीक्षा देने को कह रहा है। अभिभावकों ने डीएम से शिकायत की है।
शासन की ओर से कोविड-19 की वजह से स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए थे। ऐसे में सभी बोर्ड की ओर से इस बार 10 वीं और 12 वीं की मुख्य परीक्षाएं नहीं कराई गईं। बल्कि उन्हें बिना परीक्षा के ही पास कर दिया गया। हालांकि इससे पहले सभी कॉलेजों से बोर्ड की ओर से डाटा मांगा गया था। इसको आधार बनाकर छात्रों को इस बार नंबर दिए गए, ऐसे में जिले के लगभग सभी कॉलेजों का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। इधर, दातागंज तहसील में स्थित समरेर में बने राजकीय आश्रम पद्धिति स्कूल में इस बार अलग ही स्थिति दिखाई दी। कक्षा छह से लगातार यहीं रहकर पढ़ रही 54 में से महज 26 छात्राएं ही 10 वीं कक्षा में पास हो सकीं। जबकि 31 छात्राएं फेल हो गईं।
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कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा, गणित में आया महज एक अंक
राजकीय आश्रम पद्धति कन्या इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली अधिकतर छात्राओं के गणित में 80 में से एक नंबर आया हैं तो वहीं कुल योग 100 में से 18 नंबर दिए गए हैं। इसकी वजह से अधिकतर छात्राएं फेल हो गईं हैं। जानकारी बताते हैं कि कॉलेज की ओर से दिए गए डाटा में छात्राओं को बेहद कम नंबर दिए गए जिसकी वजह से यह स्थिति सामने आई।
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परिवारों ने डीएम से लगाई गुहार
परीक्षा परिणाम को लेकर परिजन सप्ताह भर पहले स्कूल में प्रधानाचार्य व स्टाफ से मिले और अपनी परेशानी को उनके सामने रखा। उनकी बात को सुनना उचित नहीं समझा गया । कहा गया कि जो भी फेल हुए हैं उन सबका कंपार्टमेंट परीक्षा का फार्म भरवा दो। इससे नाराज परिवार वालों ने डीएम दीपा रंजन से मिलकर अपनी बात रखी। परिवार वालों ने जांचकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राजकीय आश्रम पद्धति कन्या इंटर कॉलेज समरेर की प्रभारी प्रधानाचार्य प्रज्ञा वाजपेयी का कहना है कि इस मामले में विद्यालय स्तर पर कोई गलती नहीं हुई है। हमने आंतरिक मूल्यांकन में पूरे नंबर दिए थे। बोर्ड स्तर से ही समस्या हुई है। किसी छात्रा को फेल कहना भी सही नहीं होगा। इनके लिए कंपार्टमेंट परीक्षा के फार्म आ गए हैं। स्कूल बंद है पर छात्राएं चाहें तो 16 अगस्त से स्कूल आकर शिक्षकों से पढ़कर परीक्षा भी दे सकती हैं। गणित की समस्या है पर दूसरे विषयों में भी कंपार्टमेंट परीक्षा दी जा सकती है जिनमें नंबर कम हैं।
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हां, कुछ लोगों ने इस संबंध मेें शिकायत की है कि कई छात्राओं को फेल दिखा दिया गया है। इस मामले को दिखवाया जाएगा। आखिरकार कहां पर कमी हुई है, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दीपा रंजन, डीएम
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यह तो बड़ी अजीबोगरीब स्थिति है। अगर आंतरिक मूल्यांकन में विद्यालय ने छात्राओं को कम अंक दिए या फिर पढ़ाया नहीं, दोनों ही स्थिति में कॉलेज प्रबंधन की भूमिका सवालों में है। मैं इस प्रकरण की जांच कराऊंगा। जिस स्तर पर गलती मिलेगी, कार्रवाई कराई जाएगी।
- डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस