फैजगंज बेहटा इलाके में तैनात पुलिस। संवाद
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फैजगंज बेहटा (बदायूं)। पुलिस की सतर्कता के चलते फैजगंज बेहटा इलाके में इस बार भी पत्थरमार दिवाली नहीं मनाई गई। बुधवार सुबह से पुलिस सतर्क रही और लोगों से अपील की गई कि वे एक-दूसरे पर पत्थर न फेंकें। दोपहर बाद कुछ युवक एकत्र हुए तो डांटकर भगा दिया गया। क्षेत्र में शांति का माहौल बना रहा।
छोटी दिवाली नरक चतुर्दशी के दिन चार साल पहले तक यहां पत्थर मार दिवाली बनाई जाती रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ सौ साल पहले फैजगंज गांव नहीं था। उस समय गंगापुर गांव था और बेहटा को मिर्जापुर बेहटा कहा जाता था। लोगों का कहना है कि गैर आबादी वाले गांव फैजगंज को आबाद करने के लिए गंगापुर और मिर्जापुर बेहटा के बीच पत्थरमार दिवाली हुई थी, इसमें गंगापुर जीत गया। तब से गंगापुर गांव गैर आबाद हो गया और वहां के लोग अधिक सुविधाओं वाले फैजगंज बेहटा में आकर बस गए। लोगों का कहना है कि पत्थरमार दिवाली मनाने के दौरान दोनों गांव के लोगों के बीच पथराव होता था। कई लोग घायल भी हो जाते थे। जो गांव जीत जाता था। वहां दूसरे गांव के लोग आकर दिवाली की शुभकामनाएं देते थे। बाद में इस परंपरा पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने कमर कसी। ऐसे में तीन सालों से पत्थरमार दिवाली नहीं मनाई जा सकी, इसी क्रम में इस बार भी पुलिस सतर्क रही। सुबह नौ बजे ही एसओ सुरेश चंद्र गौतम पुलिस बल के साथ पहुंच गए। बाद में बिसौली सीओ विनय कुमार सिंह चौहान ने कमान संभाल ली। इससे इस बार भी पत्थरमार दिवाली नहीं मनाई जा सकी।
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सुबह से पुलिस को तैनात कर दिया गया था। कहीं भी पत्थरमार दिवाली नहीं मनाई गई। लोगों ने स्वयं जागरूक किया कि इस बार भी पत्थरमार दिवाली नहीं मनाएंगे। क्षेत्र में शांति का माहौल रहा।
-विनय कुमार सिंह चौहान, सीओ बिसौली