सहसवान (बदायूं)। हिमाचल प्रदेश के थाना न्यू पुलिस स्टेशन शिमला पुलिस ने नगर के एक मोहल्ले के कक्षा नौ के छात्र को गिरफ्तार किया है। स्पेशल पुलिस टीम छात्र को अपने साथ ले गई है। छात्र पर टेलीग्राम मोबाइल एप के जरिये लड़कियों को अश्लील वीडियो और मेसेज भेजने के साथ उनको ब्लैकमेल करने का आरोप है। उसके खिलाफ न्यू पुलिस स्टेशन शिमला में मामला भी दर्ज है।
सहसवान के एक इंटर कॉलेज में कक्षा नौ के छात्र को मोबाइल पर पबजी गेम खेलने का शौक है। पबजी के अलावा छात्र ने टेलीग्राम एप पर भी अपनी आईडी बना रखी है। छात्र काफी समय से पबजी गेम के माध्यम से लड़कियों से ऑनलाइन दोस्ती करता था। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम पर मित्र बनाता था। टेलीग्राम से जुड़ने के बाद लड़कियों से धीरे-धीरे अश्लील चैट शुरू करता और बाद में उनको अश्लील वीडियो भी भेजने लगता था। अश्लील वीडियो भेजने के बाद वह छात्राओं और लड़कियों को ब्लैकमेल करता था।
आरोप है कि हिमाचल प्रदेश के शिमला की रहने वाली एक लड़की को वह काफी समय से ब्लैकमेल कर रहा था। लड़की के पिता की ओर से न्यू पुलिस स्टेशन शिमला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद हिमाचल पुलिस की स्पेशल सेल ने छात्र को सर्विलांस के जरिये ट्रेस कर लिया। तीन दिन पहले न्यू पुलिस स्टेशन शिमला से एक स्पेशल टीम सहसवान पहुंची। यहां छात्र को ट्रेस करने के बाद शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने छात्र के पास से मोबाइल भी कब्जे में ले लिया है। शिमला पुलिस छात्र को अपने साथ ले गई है।
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पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाला गिरफ्तार
सहसवान। फेसबुक पर पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले युवक रेहान को पुलिस ने आईटी एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
क्षेत्र के गांव नदायल के एक युवक ने पिछले दिनों पीएम मोदी को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी। इससे भाजपाइयों में गुस्सा दौड़ गया। इस संबंध में भाजपाइयों की ओर से कोतवाली में शिकायत की थी। शिकायत के बाद शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इंस्पेक्टर संजीव शुक्ला ने इस आशय की जानकारी दी। संवाद
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आजकल बच्चों में मोबाइल फोन का प्रचलन काफी बढ़ गया है। खासकर, आज हर किशोर-किशोरी के पास मोबाइल है। ज्यादातर अभिभावक उन्हें फोन देकर निगरानी करना उचित नहीं समझते कि बच्चा क्या कर रहा है। आजकल नेट पर अश्लील सामग्री की भरमार है जिसे देखकर इस उम्र के बच्चे आसानी से बहक जाते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं। इस उम्र में इस प्रकार के कंटेंट को देखकर बच्चे ज्यादा आकर्षित होते हैं। इसलिए अभिभावकों को मोबाइल देते समय किशोरवय लड़के लड़कियों की निगरानी जरूर करनी चाहिए।
-डॉ. नरवीर यादव, वरिष्ठ मनोचिकित्सक व असिस्टेंट प्रोफेसर, राजकीय मेडिकल कॉलेज