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सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में भाजपा नेता के खिलाफ रिपोर्ट

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बदायूं। वजीरगंज कस्बे में रामलीला मैदान (सरकारी जमीन) की दुकानें कब्जाने के मामले में आखिरकार भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय सरकारी शिकंजे में फंस ही गया। यह प्रकरण काफी पुराना है लेकिन राजनीति के दबदबे के चलते उस पर कार्रवाई नहीं हुई। अब पिछले 24 घंटे के अंदर ईओ और लेखपाल की ओर से आठ मामले दर्ज कराए गए हैं। सभी में राहुल वार्ष्णेय समेत कई लोगों को नामजद किया गया है।
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वजीरगंज नगर पंचायत ईओ संदीप चंद्रा ने एफआईआर दर्ज कराई है कि रामलीला मैदान की दुकानों पर भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय आदि ने कब्जा कर लिया था। कुछ दुकानों को किराये पर उठा दिया गया तो कुछ को बेच दिया। यहां बता दें कि पिछले साल यह प्रकरण खूब चर्चा में रहा लेकिन भाजपा नेता खुद को बचाने में कामयाब रहा। सारी सच्चाई सामने होने के बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई लेकिन अब उसके समेत कई लोगों के खिलाफ सरकारी जमीन कब्जाने, उसको क्षति पहुंचाने, गालीगलौज मारपीट समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा लेखपाल सज्जाद हुसैन ने राहुल वार्ष्णेय, संजीव और मुजम्मिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर के मुताबिक कस्बे में आबादी के नाम से जगह पड़ी थी। उस पर राहुल वार्ष्णेय आदि ने अवैध कब्जा कर लिया था, जिसे अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया। जब उससे अवैध कब्जा छोड़ने को कहा गया तो उसने गाली गलौज की। सरकारी कर्मचारियों को धमकी दी कि वह भाजपा का कार्यकर्ता है। उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। लेखपाल सज्जाद हुसैन ने यह केवल एक मामला दर्ज नहीं कराया गया। उसकी ओर से छह मामले और दर्ज कराए गए हैं। सभी मामलों में राहुल वार्ष्णेय का नाम शामिल है। बताते हैं कि यह मामले पिछले 24 घंटे के अंदर दर्ज कराए गए हैं।
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सील दुकानें खोलकर किया था अवैध कब्जा
रामलीला मैदान की दुकानें कब्जाने का प्रकरण सार्वजनिक होने पर जिला प्रशासन ने उनमें ताले लगवा दिए थे। दुकानों को सील करा दिया गया था। अभी हाल में ही राहुल वार्ष्णेय ने उन दुकानों के ताले तोड़ लिए। उन पर फिर से अवैध कब्जा कर लिया था।
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वजीरगंज कस्बे में सरकारी जमीन रामलीला मैदान कब्जाने का मामला काफी पुराना है। जांच चल रही थी। कार्रवाई कराई गई है। अब पुलिस ने कितने मामले दर्ज किए हैं यह तो वही बता सकती है। इसकी विस्तार से जानकारी लेखपाल और ईओ दे सकते हैं।
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- दीपा रंजन, डीएम
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