गांव खजुरारा के पास कब्जा करके उगाई गई फसल को कटवाते अधिकारी। संवाद
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उझानी। कई महीनों से विवादित चल रही भूमि पर उगाई गई गेहूं की फसल को पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने बुधवार को कटवा दिया। जानकारी पाकर जब लोग वहां पहुंचे तो अधिकारियों ने सभी की मौजूदगी में ही फसल को नीलाम करा दिया। अब यह धनराशि सरकारी खजाने में जमा की जाएगी।
कछला क्षेत्र के कटरी इलाके में गंगा किनारे गांव खजुरारा के पास लगभग चार सौ बीघा भूमि है। इस पर कछला के मोहल्ला बहोरानगला और पड़ोसी जिले कासगंज के गांव चंदवा के लोगों का कब्जा है। दोनों जगहों के लोगों ने इस पर गेहूं की फसल बो रखी थी। जगह को लेकर विवाद था, जिस कारण पहले भी कई बार दोनों पक्षों में झगड़े हो चुके हैं। अब गेहूं की फसल काटने को लेकर कई दिनों से दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। बहोरा नगला के लोगों का आरोप था कि चंदवा के लोगों ने तीन दिन पहले फसल कब्जाने के लिए फायरिंग भी की थी। इसकी शिकायत अधिकारियों तक पहुंची थी, जिसके बाद मंगलवार को एसडीएम सदर एसपी वर्मा ने उझानी कोतवाली पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ जमीन की पैमाइश की थी। अधिकारियों ने पाया कि यह जमीन सरकारी थी, जिस पर लोगों ने अनाधिकृत तरीके से कब्जा करके गेहूं की फसल बो दी थी।
इसके बाद बुधवार की शाम एसडीएम सदर, सीओ दातागंज प्रेमचंद्र थापा, उझानी प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान व पीएसी के साथ मौके पर कंबाइन मशीन लेकर पहुंच गए तथा फसल कटवानी शुरू कर दी। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि हाथोंहाथ फसल की नीलामी भी करा दी जाए। नीलामी की बात सुनकर बहोरा नगला के लोग भी मौके पर आ गए। इसके बाद मौके पर ही ग्रामीणों के सामने फसल की नीलामी 5.60 लाख रुपये में कुछ लोगों में करा दी गई।
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छह-सात महीने पहले चले थे लाठी-डंडे
इसी जमीन पर कब्जे को लेकर तकरीबन छह-सात महीने पहले चंदवा और बहोरा नगला के लोगों के बीच जमकर लाठी डंडे भी चले थे, जिसमें दोनों पक्षों के लोग चोटिल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में चंदवा के 32 तथा बहोरा नगला के 28 लोगों को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव और बढ़ गया था।
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जमीन को कब्जा मुक्त कराकर फसल की नीलामी करा दी गई है। अब इस धनराशि को सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। यह जमीन सरकारी है। अब यदि किसी ने इस पर कब्जा करने की कोशिश की तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर