बदायूं। जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज कारतूस चोरी के तीन मामलों से पुलिस विभाग में हलचल है। इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि एक हेडमोहर्रिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुईं हैं। ऐसे में यह बात सवालों के घेरे में है ऐसा गलती से हुआ या फिर जानबूझकर घटनाओं को अंजाम दिया गया।
कारतूस चोरी के मामलों में नामजद हेडमोहर्रिर राजवीर सिंह मूलरूप से बुलंदशहर जिले के थाना पहासू के गांव लालनेर के निवासी हैं। साल 1998 में वह उघैती थाने में तैनात रहे। तब वहां एसओ सुशील कुमार थे। उस समय थाने के मालखाने से जेवरात की चार पोटली चोरी हो गईं थीं। यह जेवरात साल 1995 में घटित एक मामले के थे। इस पर एसओ सुशील कुमार ने राजवीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके बाद साल 2010 से लेकर 2015-16 तक राजवीर सिंह सिविल लाइंस थाने में तैनात रहे और यहीं से रिटायर भी हो गए। साल 2010 में सिविल लाइंस थाने के मालखाने से बैनट 20, 303 बोर के 186 कारतूस, पिस्टल के 14 कारतूस, एलएलआर के 17 कारतूस, 38 बोर के 19 कारतूस, 12 बोर के 12 कारतूस, लोहे की पांच हथकड़ी, सात हथकड़ी रस्सा, बिंडोलिया आठ और चिली बंब चोरी हो गए थे। साल 2019 में पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई। तब प्रभारी इंस्पेक्टर ओपी गौतम ने राजवीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
अभी दो दिन पहले राजवीर सिंह के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में एक और मामला दर्ज हुआ। यह मामला साल 2015-16 का है। उस दौरान सीओ राजेंद्र सिंह धामा निरीक्षण करने थाने पहुंचे थे। तब थाने के मालखाने से काफी सामान गायब मिला था। इस पर उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने के लिए अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने ऐसे मामलों की जानकारी कराई तो यह भी मामला निकलकर सामने आया और राजवीर सिंह के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज हो गई।
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दो मामलों में लग चुकी है चार्जशीट
हेडमोहर्रिर राजवीर सिंह के खिलाफ दर्ज दो मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसमें उघैती थाने में दर्ज मामले में स्वयं एसओ सुशील कुमार ने चार्जशीट लगाई थी। सिविल लाइंस थाने में दर्ज पहले मामले में भी चार्जशीट लग चुकी है। तीसरा मामला अभी दर्ज हुआ है। इसकी जांच शुरू करा दी गई है।
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उघैती और बिल्सी थाने में दर्ज हैं ऐसे मामले
साल 1998 के बाद अभी पांच दिन पहले उघैती थाने में कारतूस चोरी का मामला दर्ज हुआ है। इसमें हेड मोहर्रिर मोहम्मद अली शेर नामजद हैं। इसके एक दिन बाद बिल्सी थाने में एफआईआर दर्ज हुई। उसमें हेड मोहर्रिर सुभाष नामजद किया गया है।
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मालखानों से चोरी हुए कारतूसों के मामलों की जांच कराई जा रही है। इनमें नामजद हेडमोहर्रिर ने जानबूझकर सामान गायब किया था या कोई भूल हो गई। इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी