बदायूं। करीब पांच साल पुराने किशोरी के साथ दुराचार के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश गोपाल जी ने नामजद युवक को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने युवक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एटा निवासी एक व्यक्ति परिवार के साथ सहसवान में लगी नुमाइश में सिलबट्टा बेचने आए थे। उसने 23 सितंबर 2016 को रिपोर्ट कराई कि साथ में उसकी बेटी-दामाद और एक छोटी बेटी भी थे। 11 सितंबर को वह सिलबट्टा लेने गए थे। रात साढ़े 12 बजे उनकी छोटी बेटी लघुशंका को बाहर गई। तभी नुमाइश के पड़ोस में एक बस्ती निवासी बबलू ने चाकू के बल पर बेटी के साथ दुष्कर्म किया। बेटी की चीख सुनकर उनके बेटी-दामाद आरोपी बबलू के घर की छत पर पहुंचे तो वहां आरोपी बबलू को छोटी बेटी के साथ देखा। उन्होंने लौटकर बबलू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बबलू के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
-
किशोरी को बहला-फुसलाकर लेजाने पर पांच साल की सजा
फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश गोपाल जी ने श्याम सिंह निवासी कमालपुर थाना मूसाझाग को किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।